कश्मीरः सीजफायर समाप्त होते ही सेना ने मारे 4 आतंकी, एक नागरिक की भी मौत

Updated on: 22 September, 2019 06:07 AM

कश्मीर में सीजफायर खत्म करने के केंद्र के फैसले के अगले दिन ही हिंसा देखने को मिली। यहां दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में एक अज्ञात बंदूकधारी ने 45 साल के एक शख्स को गोली मार दी। वहीं दूसरी तरफ बांदीपोरा में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान चार आतंकी को ढेर कर दिया है। बता दें कि केंद्र सरकार ने रमजान के दौरान एकतरफा सीजफायर का फैसला लिया था। लेकिन सरकार के इस फैसले के दौरान आतंकियों ने कई लोगों की जान ली और हमले किये।

केंद्र सरकार के फैसले के दिन से ही सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन ऑल आउट की शुरुाआत कर दी। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने बांदीपोरा में चार आतंकियों को ढेर कर दिया।
कश्मीर में एक सप्ताह में 12 हत्या
कुलगाम के एसपी हरमीत सिंह ने बताया कि कुलगाम जिले के केलम में संदिग्ध आतंकी इकबाल क्वैक के घर में घुस गए और गोलीबारी करने लगे। तीन आतंकियों ने उसके घर पर हमला किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्वैक उपभोक्ता मामलों और सार्वजनिक वितरण विभाग में कर्मचारी था। उन्होंने कहा कि ये अभी तक पता नहीं चल पाया है कि आतंकियों ने क्वैक को अपना निशाना क्यों बनाया। बता दें कि कश्मीर में पिछले एक सप्ताह के दौरान ये 12वीं हत्या है।
ईद से पहले सुजात बुखारी और औरंगजेब की हत्या
ईद से पहले आतंकियों न राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी और दो सुरक्षाबलों की हत्या कर दी थी। आतंकवादियों ने ईद के मौके पर घर जा रहे राष्ट्रीय राइफल्स के सैनिक औरंगजेब को अगवा कर लिया और उनकी हत्या कर दी।

वहीं रविवार को गंदरबल जिले के मानसबल के पार्क कम तीव्रता वाले विस्फोट में पांच नागरिक घायल हो गए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसके बाद सभी को पास के अस्पताल ले भर्ती कराया गया जहां उनकी हालत स्थिर है।
सीजफायर के दौरान 41 मौतें
रमजान के दौरान घाटी में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई पर लगी रोक के दौरान रिकॉर्ड 20 ग्रेनेड अटैक, 62 आतंकी हमले हुए। इसमें 41 लोगों की जान गई। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है। हिंसा में हुई बढ़ोत्तरी ने सरकार को कार्रवाई करने के लिए मजबूर कर दिया है, जिसके बाद रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सीजफायर को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। उन्होंने ने कहा कि हमने पहल की लेकिन आतंकियों ने सुरक्षाबलों एवं नागरिकों पर हमले जारी रखे। अब सुरक्षा बलों को निर्देश दिया जाता है कि वह पहले की तरह सभी जरूरी कार्रवाई करें ताकि आतंकवादियों को सबक सिखाया जा सके।

17 मई को केंद्र ने लिया था फैसला
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने 17 मई को निर्णय लिया था कि रमजान के दौरान जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल आतंकवादियों के खिलाफ अभियान नहीं चलाएंगे। इस निर्णय का जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी स्वागत किया था। हालांकि इस दौरान जमीनी वास्तविकता अलग रही। अधिकारियों के अनुसार, 17 अप्रैल से 17 मई के बीच 18 आतंकी घटनाएं हुई थी जबकि रमजान के पाक महीने में यह आंकड़ा बढ़कर 50 पार चला गया।

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