छोटे भाई के नाम से फौज में हुआ भर्ती, मामला खुला तो भाई को रेप में फंसाया

Updated on: 13 December, 2019 09:04 AM

सेना भर्ती बोर्ड को चकमा देकर एक युवक अपने छोटे भाई के नाम से भारतीय सेना में भर्ती हो गया जब बड़े भाई के इस फर्जीवाड़े का उसने खुलासा किया तो आरोपी ने अपनी पत्नी से दुष्कर्म के मामले में अपने छोटे भाई को फंसाकर जेल भिजवा दिया। जेल गए युवक की मां ने अदालत में शपथपत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई है। एसीजेएम 8 यशवंत कुमार सरोज की अदालत ने इस मामले के विवेचक को तलब करने का आदेश दिया है।

विशारतगंज क्षेत्र के एक गांव के युवक ने फौज की नौकरी पाने के लिए फर्जीवाड़ा किया। ओवरऐज हो रहे युवक ने अपने सगे छोटे भाई के कक्षा नौ के अंकपत्र से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास दिखाकर फौज में नौकरी पा ली। वह इस समय श्रीनगर में तैनात है। फौजी अब अपना और अपने छोटे भाई के नामों को आपस में बदलने की जुगत में है। गांव में दोनों भाइयों की पहचान उनके वास्तविक नामों से ही है। छोटा भाई अपने फौजी भाई के इस फर्जीवाड़े में शामिल नहीं हुआ। उसने अपने बड़े भाई के इस फर्जीवाड़े की शिकायत राष्ट्रपति, आर्मी के सेंट्रल कमाडेंट, आर्मी सीओ जम्मू कश्मीर और एसएसपी बरेली से की। सेना में जब जांच शुरू हुई तो फौजी छुट्टी लेकर गायब हो गया। सूत्रों के मुताबिक फौज के अफसरों ने अब उसको भगोड़ा घोषित कर दिया है। बीती 27 मई को इसी फौजी की पत्नी ने अपने देवर के खिलाफ थाना बिशारतगंज में छेड़छाड़ व दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

विवाहिता ने अपने आरोपी देवर के वास्तविक नाम की जगह अपने फौजी पति के वास्तविक नाम को एफआईआर में लिखाया। उसने अपने पति के नाम की जगह अपने आरोपी देवर के वास्तविक नाम को लिखाया। भाभी से दुष्कर्म के आरोप में फंसे देवर ने पुलिस के आला-अफसरों को शिकायती पत्र भेजकर खुद को निर्दोष होने के तमाम सुबूत दिए। उसने बताया कि उसकी भाभी ने जिस आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है वो तो फौज में नौकरी कर रहा है। एफआईआर में दर्ज नामजद आरोपी वाला नाम मेरा नहीं, मेरे बड़े भाई का है।

दुष्कर्म का मुकदमा लिखने के बाद बिशारतगंज पुलिस भी इस फर्जीवाड़े को देखकर दंग रह गई। बिशारतगंज पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके उसके नाम में उर्फ जोड़कर दोनों भाइयों के नाम दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। भाभी से दुष्कर्म के आरोप में जेल गए युवक की मां ने मंगलवार को अपने अधिवक्ता उदयवीर सिंह यादव के जरिये एसीजेएम 8 यशवंत कुमार सरोज की अदालत में पेश हुई। मां ने शपथपत्र देकर अदालत में खुलासा किया कि उसके बड़े बेटे ने छोटे बेटे के नाम से फौज में नौकरी हथिया ली। फौजी की पत्नी ने छोटे बेटे के खिलाफ जिस नाम से दुष्कर्म की नामजद एफआईआर दर्ज कराई है, वास्तव में वह नाम फौजी का ही है। दुष्कर्म की कथित घटना के दिन आरोपी के नाम वाला युवक फौज में अपनी ड्यूटी पर था। पुलिस ने नामजद आरोपी की जगह उसके निर्दोष बेटे को जेल भेज दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस दुष्कर्म कांड के विवेचक को तलब करने के सख्त आदेश दिये हैं। अब इस मामले की सुनवाई 30 जुलाई को होगी। 

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