योगी बोले, आतंकियों से केस हटाने की सपा सरकार की कुचेष्टा देशद्रोह

Updated on: 16 October, 2019 11:08 AM
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पूर्ववर्ती सपा सरकार द्वारा आतंकवादियों के मुकदमे वापस लेने की कुचेष्टा देशद्रोह है। उसने राष्ट्रीय सुरक्षा को ही खतरे में डाल दिया था। सपा नेता आतंकियों की पैरवी करते थे, दलित और वंचितों की नहीं। उन्होंने कहा कि यदि कोर्ट हस्तक्षेप नहीं करता तो ये आतंकवादी आज छूटकर देश और प्रदेश को दहला चुके होते। कोर्ट ने सारे मामले का संज्ञान लेकर इन आतंकवादियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। मुख्यमंत्री विधानसभा में बुधवार को अनुपूरक बजट पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। मुख्यमंत्री के जवाब के साथ ही अनुपूरक बजट और उससे संबंधित विनियोग विधेयक विपक्ष की गैरमौजूदगी में सर्वसम्मति से पारित हो गया। बिना टोकाटाकी डेढ़ घंटे बोले योगी संपूर्ण विपक्ष के वाकआउट के कारण बिना किसी टोका-टाकी के श्री योगी करीब डेढ़ घंटे तक बोले। उन्होंने इस दौरान उन्होंने सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। साथ ही विपक्षी बसपा को सपा से सचेत भी किया। उन्होंने कहा कि विपक्षियों के कारनामे जनता के सामने न आने पाएं, इसीलिए वे बहाना बनाकर बहस से भाग रहे और वाकआउट कर गए। सरकार हर मुद्दे पर खुले दिल से चर्चा चाहती है। साथ ही यह भी चाहती है कि सकारात्मक सोच से वे प्रदेश के विकास और प्रगति में भागीदार बनें। घुसपैठियों की डकैती मंजूर नहीं मुख्यमंत्री ने असम की एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर) की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शरणार्थियों का सम्मान दें, लेकिन घुसपैठियों के रूप में देश और प्रदेश के लोगों के हकों पर डकैती डालने की छूट नहीं दी जा सकती है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का लिए भी आभार जताया। साथ ही कहा कि पिछली सरकार ने इन जातियों के छात्रों को छात्रवृत्ति तक से वंचित किया। हमारी सरकार ने छात्रवृत्ति वितरित की। किसानों की कर्ज माफी व गन्ना किसानों का भुगतान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने की फसल कर्जमाफी की योजना सफलतापूर्वक पूरी की। इस अनुपूरक बजट में 1500 करोड़ रुपये किसानों के कर्ज के लिए अंतिम किस्त के रूप में रखे गए हैं। गन्ना किसानों का पिछली सरकार का बकाया भुगतान कराया। जबकि पिछली सरकार में सत्ता और मिल मालिक मिलकर किसानों का शोषण करते थे। 120 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जिससे चीनी के दाम गिरे हैं। इसलिए सरकार ने मिल मालिकों के लिए किसानों का भुगतान करने के लिए चार हजार करोड़ के कर्ज की व्यवस्था की है। शर्त यह है कि कर्ज की धनराशि सीधे गन्ना किसानों के खाते में जाएगी। गन्ना किसानों का वे अभी तक कुल 35 हजार करोड़ का भुगतान करा चुके हैं। मिल मालिकों को साढ़े चार रुपये प्रति कुंतल का अनुदान भी देंगे। इसके लिए 500 करोड़ की व्यवस्था की है। दलितों, वंचितों को तबाह किया मुख्यमंत्री ने कहा कि दलितों और वंचितों के नाम पर राजनीति करने वाली सरकारों ने दलितों और वंचितों को तबाह किया। शासन की योजनाओं का लाभ उनको नहीं दिया। पीएम आवास योजना के तहत सपा की सरकार ने एक भी आवास नहीं बनवाया। 150 लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस केंद्र सरकार देना चाहती थी, लेकिन केवल इसलिए नहीं ली कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रांडिंग होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के बारे में कुछ नेता टिप्पणी करके अपना काम बताते हैं, जबकि योजनाएं किसी व्यक्ति विशेष की नहीं होती, सरकार जनता के लिए इनको संचालित करती हैं। जबकि पिछली सरकार में मात्र बीस फीसदी जमीन अधिगृहीत की गई थी। हमने 94 फीसदी जमीन अधिगृहीत की है। बिड सिविल वर्क के लिए पिछली सरकार में 15,200 करोड़ की थी।
View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया