एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने बुधवार को बंबई उच्च न्यायालय का रुख कर अपने 24 हफ्ते के गर्भ को खत्म कराने की गुहार लगाई।

Updated on: 02 April, 2020 06:13 AM
कैंसर से भी जूझ रही इस 14 साल की पीड़िता से इस साल की शुरुआत में दुष्कर्म हुआ था और इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह जानकारी पीड़िता की ओर से दायर याचिका में दी गई है। हाल ही में जब वह कीमोथेरेपी के लिए एक स्थानीय अस्पताल में गई तो उसकी गर्भावस्था का पता चला। पीड़िता के माता-पिता को जब अपनी बेटी की गर्भावस्था के बारे में पता चला तो उन्होंने एक एनजीओ का रुख किया था। न्यायमूर्ति एएस. ओका और न्यायमूर्ति एमएस. सोनक की पीठ ने मुंबई के जेजे अस्पताल के डीन को निर्देश दिया है कि वह एक मनोवैज्ञानिक सहित विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम तत्काल गठित करें। जिससे लड़की के स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन किया जा सके और सुझाव दिया जा सके कि इतना समय बीत जाने के बाद गर्भपात की इजाजत दी जा सकती है कि नहीं। पीठ ने डॉक्टरों की टीम से कहा है कि वह शुक्रवार तक अपनी रिपोर्ट सौंपे।
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