कानपुर: घंटाघर गणेश मंदिर को उड़ाने की साजिश नाकाम

Updated on: 21 April, 2019 02:27 PM
एटीएस की गिरफ्त में आया हिज्बुल मुजाहिदीन का आतंकी कमरुज्जमां उर्फ डॉ. हुरैरा पोस्ट उर्फ कमरुद्दीन कानपुर को दहलाने की फिराक में था। उसने बड़ी साजिश तो रच ली पर उसे पूरा करने में सफल नहीं हो पाया। उसके चकेरी से पकड़े जाने के बाद कई खुलासे हुए। उसने घंटाघर स्थित प्रसिद्ध गणेश मंदिर को उड़ाने की साजिश रची थी। इसके साथ ही कमरुद्दीन ने साथियों के साथ गणेश चतुर्थी, मोहर्रम और नवरात्र के दौरान कानपुर में दहशत फैलाने की योजना बनाई थी। उसके पास से गणेश मंदिर का वीडियो भी बरामद किया गया है। यूपी एटीएस की टीम ने गुरुवार तड़के चार बजे चकेरी के शिवनगर मोड़ पर घुसते ही कानपुर पब्लिक स्कूल के बगल में स्थित उजियारी लाल यादव के मकान छापा मारा। आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियों में एटीएस के जवानों ने पूरी गली को हाईवे से लेकर अंदर तक घेर लिया ताकि कोई भी कहीं से भाग न सके। दरवाजा फांदते हुए एटीएस की टीम अंदर दाखिल हुई और चारों तरफ से प्रथम तल में रह रहे आंतकी कमरुद्दीन के कमरे की घेराबंदी कर ली। कार्रवाई व जवानों की चहलकदमी पर जागे किराएदाद जब तक कुछ समझ पाते तब तक एटीएस कमरुद्दीन को पकड़कर ले जा चुकी थी। आतंकी को दबोचने के बावजूद इलाकाई लोगों को कानो-कान खबर नहीं हो सकी। यहां तक कि मकान मालिक भी कार्रवाई से अनभिज्ञ अपने खेत में जाकर काम कर रहा था। मीडिया के आने पर ही उसे जानकारी हो सकी। एटीएस का मिशन इतना गुप्त था कि किसी को कुछ भी पता नहीं लग सका। टीम कमरुद्दीन को ले जाने के साथ ही उसके कमरे में ताला बंद कर गई। हालांकि खिड़की खुली हुई है। कश्मीर में ली थी ट्रेनिंग लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि कमरुज्जमां पिछले साल अप्रैल में कश्मीर में ओसामा नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया और उसी के माध्यम से हिज्बुल मुजाहिदीन संगठन में शामिल हुआ। उसने हिज्बुल की ट्रेनिंग किश्तवाड़ के ऊपर पहाड़ के जंगलों में ली थी। उन्होंने बताया कि कमरुज्जमां मूल रूप से असोम का रहने वाला है। उसके पिता सैदुल हुसैन का निधन हो चुका है। वह असोम के होजाई क्षेत्र के सराक पिली गांव का रहने वाला है। वह बीए तृतीय वर्ष की परीक्षा में सम्मिलित हुआ था लेकिन फेल हो गया था। उससे कम्प्यूटर कोर्स व टाइपिंग का डिप्लोमा किया है। चार साल विदेश में भी रहा डीजीपी ने बताया कि कमरुज्जमां 2008 से 2012 तक फिलीपींस के निकट के एक छोटे से देश रिपब्लिक ऑफ पलाऊ में भी रहा है। उसकी शादी वर्ष 2013 में असोम में हुई। उसका एक बेटा भी है। गिरफ्तारी के बाद अब एटीएस कस्टडी रिमांड लेकर उससे विस्तृत पूछताछ करेगी। उससे पूछा जाएगा कि कश्मीर से आकर यहां कब से छिपा था और उसके और कौन-कौन साथी हैं? उससे यह भी पूछा जाएगा कि इसके पास धन कैसे और कितना आया? इसके अलावा उसके टारगेट क्या-क्या थे? डीजीपी ने बताया कि एटीएस के एएसपी दिनेश यादव और डीएसपी दिनेश पुरी के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
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