जम्मू-कश्मीर: आतंकियों ने तीन पुलिसकर्मियों को अगवा कर की हत्या, एक नागरिक को छोड़ा

Updated on: 14 November, 2019 05:29 AM
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने तीन पुलिसकर्मियों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी है। एक अगवा नागरिक को आतंकियों ने छोड़ दिया है। तीनों पुलिसकर्मियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। आतंकियों ने शोपियां जिले से 3 एसपीएओ समेत चार पुलिसकर्मियों का अपहरण किया था। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक आतंकियों ने तीन पुलिसकर्मी व एक नागरिक को अगवा किया था। घटना के कुछ घंटों बाद ही तीनों पुलिसकर्मियों का शव बरामद हुआ है। पुलिस ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में शुक्रवार को आतंकवादियों ने जम्मू कश्मीर पुलिस के एक कांस्टेबल और तीन विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) का अपहरण किया था। शोपियां जिले के कापरान गांव में आतंकवादियों ने एक कांस्टेबल और तीन एसपीओ के घर में घुसकर उनका अपहरण कर लिया था। इनकी पहचान फिरदौस अहमद कुछे और एसपीओ कुलदीप सिंह, निसार अहमद धोबी और फयाज अहमद भट्ट के तौर पर की गई है। इनकी तलाश में सुरक्षा बलों ने इलाके में व्यापक सघन अभियान चलाया था। अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने अपहरण और हत्या की घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। आतंकी संगठन ने मांगा था पुलिसकर्मियों से इस्तीफा याद दिला दें कि कुछ दिन पहले ही आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन ने पुलिसकर्मियों से इस्तीफा देने या मरने के लिए तैयार रहने की धमकी दी थी। आतंकी संगठन ने धमकी भरे पोस्टर भी कई जगह लगाए गए थे। सोशल मीडिया पर आतंकी धमकी के वीडियो भी हुए थे। आतंकियों ने पुलिसकर्मियों को धमकी दी थी कि चार दिन के अंदर इस्तीफा दें और इस्तीफे की कॉपी को सोशल मीडिया पर अपलोड करें। धमकी में पुलिसकर्मियों के परिजनों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। पंचायत चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश बताते चलें कि आने दिनों में जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव होने हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में पंचायत चुनाव की घोषणा की है। ऐसे में कयास यह भी लगाया जा रहा है कि आतंकी संगठन पंचायत चुनाव से पहले दहशत फैलाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना चाहते हैं। पुलिसकर्मियों के 11 परिजनों का आंतकियों ने किया था अपहरण दक्षिण कश्मीर से हिजबुल के दो कमांडरों- रियाज नाइको और लतीफ टाइगर के पिता और अन्य लोगों की पुलिस गिरफ्तारी के बाद आंतकवादियों ने बीते दिनों पुलिसकर्मियों के 11 परिजनों का अगवा किया था। जिनके परिजनों को अगवा किया गया था उनमें पुलिस उपाधीक्षक और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी भी शामिल थे। आतंकियों के 30 परिजन गिरफ्तार शोपियां में आतंकवादी हमले में चार पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद पुलिस ने आतंकवादियों के करीब 30 से अधिक संबंधियों को गिरफ्तार किया था। हिजबुल कमांडर के पिता को करना पड़ा था रिहा पुलिसकर्मियों के परिजनों के अगवा होने के बाद आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के एक कमांडर के पिता को रिहा करना पड़ा था। हिजबुल कमांडर रियाज नाइकू के पिता असदुल्ला नाइकू को पुलवामा जिले में गिरफ्तार किया गया था। हिजबुल कमांडर ने दी थी चेतावनी आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नाइकू ने पुलिसकर्मियों के परिजनों के अपहरण की जिम्मेदारी लेते हुए पुलिस हिरासत में बंद आतंकवादियों के परिजनों को तीन दिन के भीतर रिहा करने की मांग की थी। अपहरण की जिम्मेदारी लेने से संबंधित बात सोशल मीडिया पर चल रही एक ऑडियो क्लिप में कही गई थी। पुलिस अधिकारियों ने लगभग 12 मिनट की इस क्लिप की प्रामाणिकता की पुष्टि या इसे खरिज करने से इनकार कर दिया था। इस क्लिप में नाइकू यह कहता सुनाई देता है, ‘हम इसमें आपके परिवारों को शामिल नहीं करना चाहते। हमने आपके परिजनों को इसलिए उठाया, ताकि आपको महसूस हो सके कि हमारी मांओं पर उस समय क्या गुजरती है जब आप उनके निर्दोष बच्चों को गिरफ्तार करते हो।’ उसने क्लिप में कहा, ‘हमने आपके परिजनों का इसलिए अपहरण किया, ताकि तुम जान सको कि हम आप तक पहुंच सकते हैं। इस बार हमने उन्हें पूरी गरिमा के साथ मुक्त किया है, लेकिन अगली बार यह नहीं होगा, हम उसी तरह काम करेंगे जैसे आप करेंगे।’
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