रोहिग्या शरणार्थियों को वापस भेजने पर रोक से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

Updated on: 15 November, 2019 04:59 PM
सुप्रीम कोर्ट ने महज कुछ घंटों बाद मणिपुर से रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस म्यांमार भेजे पर रोक लगाने से गुरुवार को साफ इनकार कर दिया। भारत की तरफ से आधिकारिक तौर पर म्यांमार प्रत्यर्पण का यह पहला मामला है। वकील प्रशांत भूषण ने इस में सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग की थी और कहा था कि यह अदालत का कर्तव्य है कि वह राज्य विहीन रोहिंग्या शरणार्थियों की रक्षा करे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने प्रशांत भूषण से कहा कि उन्हें इस बात को याद दिलाने की कोई आवश्यता नहीं है कि जजों की क्या जिम्मेदारियां हैं। गृह मंत्रालय ने हलफनामा दायर कर कहा था कि सात रोहिंग्या अपनी सजा पूरी करने के बाद वापस म्यांमार जाने को तैयार हैं। अवैध प्रवासी थे और उन्हें फॉरनर्स एक्ट में दोषी पाया गया था। सरकार की तरफ से पेश हुए सीनियर कानूनी अधिकारी तुषार मेहता ने कोर्ट से बताया कि म्यांमार सरकार ने इस बात को माना है कि वे उनके नागरिक हैं और उनको पहचान के लिए सार्टिफिकेट दिए हैं ताकि उनकी वापसी हो सके।
View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया