सीबीआई में नंबर 2 राकेश अस्थाना पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप, PM मोदी ने दिया ये 'आदेश'

Updated on: 16 November, 2019 08:22 AM
सीबीआई में मचे घमासान के बीच सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और एजेंसी के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ आरोपों के बारे में बताया। एक अधिकार ने बताया कि इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने एजेंसी के प्रमुख आलोक वर्मा से कहा, "कानून को अपना काम करने दें"। सीबीआई ने सोमवार को अपने ही विभाग के डीएसपी देवेंद्र कुमार को रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है। कथित तौर पर तीन करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना का नाम भी आठ दिन पहले दर्ज की गई एफआईआर में शामिल है। गुजरात कैडर के अधिकारी अस्थाना वरीयता क्रम में सीबीआई के दूसरे शीर्ष अधिकारी हैं। सीबीआई निदेशक वर्मा ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए समय मांगा था ताकि उन्हें अस्थाना केस की पूरी जानकारी दे सके। इस मामले में पीएम मोदी ने सीबीआई निदेशक को कहा है कि कानून को अपना काम करने दें। इतना ही नहीं सीबीआई निदेशक ने नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजित डोभाल से भी मुलाकात की और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। इस अधिकारी ने एचटी को यह जानकारी नाम ना छापने की शर्त पर दी है। वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है लेकिन सीनियर अधिकारियों ने कहा है कि सीबीआई चीफ ने पीएम मोदी से मुलाकात की थी। क्या है मामला अधिकारियों ने बताया कि देवेंद्र कुमार मीट कारोबारी मोइन कुरैशी के खिलाफ दर्ज एक मामले में जांच अधिकारी थे। सीबीआई ने रविवार की शाम को डीएसपी देवेंद्र कुमार के कार्यालय तथा आवास पर छापे मारे थे। एजेंसी का दावा है कि मोबाइल फोन और आईपैड बरामद किए गए हैं जिनका विश्लेषण किया जा रहा है। आरोप है कि इस मामले में उन्होंने कुछ तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया। कुरैशी के इस मामले में गवाह सतीश साना का धारा 161 के तहत 26 सितंबर 2018 को सीबीआई मुख्यालय में एक बयान दर्ज किया गया था। लेकिन जांच के दौरान यह बात सामने आई कि साना उस दिन दिल्ली में ना होकर हैदराबाद में थे। सूत्रों का कहना है कि इस मामले की जांच टीम का नेतृत्व राकेश अस्थाना कर रहे थे। साना ने सीबीआई को दिए अपने बयान में कहा है कि जून माह में उसने इस मामले को लेकर तेलुगु देशम पार्टी से राज्य सभा सदस्य सीएम रमेश से जिक्र किया था, उन्होंने कहा कि वह इस बारे में सीबीआई निदेशक से बात करेंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि उसे दोबारा पूछताछ के लिए सीबीआई की तरफ से कोई नोटिस नहीं आएगा। सूत्रों ने कहा साना को जून माह के बाद से सीबीआई ने पूछताछ के लिए नहीं बुलाया। इसके बाद उसे यह विश्वास हुआ कि उसके खिलाफ चल रही जांच पूरी हो गई है। बताया गया कि करोड़ों रुपये की रिश्वत के इस मामले में राकेश अस्थाना द्वारा सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को फंसाने के इरादे से उन पर आरोप लगाया। कुमार ने साना के बयान के तथ्यों गलत तरीके से पेश किया था। गौरतलब है कि सीबीआई ने भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत 15 अक्तूबर को दर्ज की गई प्राथमिकी में अस्थाना और कुमार के अलावा मनोज प्रसाद और सोमेश प्रसाद सहित अज्ञात लोगों को नामजद किया है। नौ फोन कॉल से फंसे अस्थाना सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना करीब तीन करोड़ रुपये के रिश्वत लेने के आरोपों का सामना कर रहे हैं। एजेंसी की मानें तो मामले में प्राथमिकी दर्ज करने से पहले अस्थाना के रिकॉर्ड किए गए नौ फोन कॉल ने अहम भूमिका निभाई। यह कॉल बिचौलिए मनोज प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद हड़बड़ी में उसके भाई सोमेश प्रसाद ने कथित तौर पर अस्थाना को किए थे। सीबीआई का दावा है कि अस्थाना और बिचौलिए के बीच नौ फोन कॉल और वॉट्सएप मैसेज से बातचीत हुई थी। एजेंसी के मुताबिक मनोज की 16 अक्तूबर को हुई गिरफ्तारी से सोमेश परेशान हो गया था और उसने अस्थाना से संपर्क करने की कोशिश की। गिरफ्तारी की खबर के कुछ ही मिनट बाद एक फोन कॉल सीबीआई के विशेष निदेशक को किया गया। जांच दल का दावा है कि अस्थाना ने भी कुछ देर बाद ही एक फोन कॉल सोमेश को किया था। पहले भी अपनो ने ही सीबीआई के दामन पर लगाए थे दाग मई 2009 : मुंबई में सीबीआई में कार्यरत उप निरीक्षक दीपक कुमार गवाह से 10 हजार रुपये का घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार। मई 2013 : एजेंसी के एसपी और कोलगेट मामले की जांच से जुड़े विविक दत्त और निरीक्षक राजेश कर्नाटक को सात लाख रुपये घूस लेने के आरोप में सतर्कता ब्यूरो ने गिरफ्तार किया। दिसंबर 2017 : सीबीआई के सहायक प्रोग्रामर अजय गर्ग को रेलवे के तत्काल टिकट के लिए अवैध एप बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
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