अभिजीत मर्डरकेस: हत्या में मां के साथ भाई भी हो सकता है शामिल, ये है बड़ी वजह

Updated on: 19 October, 2019 11:05 AM
विधान परिषद के सभापति रमेश यादव के बेटे अभिजीत उर्फ विवेक की हत्या में पुलिस का शक उसके बड़े भाई अभिषेक यादव पर गहरा गया है। पुलिस ने दोनों भाइयों के चार दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इसमें पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। जांच में यह भी पता चला था कि अभिषेक मां व भाई से अलग नरही वाले दूसरे फ्लैट में रहता था। पुलिस इसके पीछे की वजह तलाश रही है। उधर, दारुलशफा में पड़ोसियों से पता चला है कि रमेश यादव कई महीने से वहां नहीं आए थे। बी-ब्लॉक के फ्लैट नंबर- 137 में विधान परिषद के सभापति रमेश यादव की दूसरी पत्नी मीरा यादव अपने बेटे अभिषेक और अभिजीत के साथ रहती थी। रविवार सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि अभिजीत की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। परिवार ने मौत को स्वभाविक बताते हुए पोस्टमार्टम कराने से मना किया था। पर, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया था। इसमें अभिजीत की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने अभिजीत की मां मीरा यादव को गिरफ्तार किया था। झगड़े की बात पुख्ता अभिजीत की मौत की जानकारी होने पर जब हजरतगंज पुलिस मौके पर पहुंची थी तो मीरा के साथ-साथ अभिषेक भी शव का पोस्टमार्टम कराने में आनाकानी कर रहा था। इससे पुलिस को शक है कि अभिषेक का हत्या में हाथ हो न हो लेकिन साक्ष्य छुपाने में भूमिका हो सकती है। यह संभावना इसलिए भी मजबूत हो रही है कि क्योंकि उनके दोस्तों ने दोनों भाइयों के बीच झगड़ा होने की बात बताई है। नौकरों ने बताया कि अभिषेक नरही वाले दूसरे फ्लैट में रहता था और सिर्फ खाना खाने के लिए दारुल शफा वाले फ्लैट में जाता था। वहीं अभिजीत की नरही वाले फ्लैट में आने-जाने पर रोक थी। छह महीने से नहीं आए थे सभापति घटना के बाद जब पुलिस और फोरेंसिक टीम दारुलशफा के फ्लैट नंबर 137 में जांच करने पहुंची थी तो पड़ोस के लोग कन्नी काट रहे थे। पुलिस ने लोगों से जानकारी जुटानी चाही थी लेकिन वे कुछ भी बताने को तैयार नहीं थे। वहीं मीरा यादव की गिरफ्तारी और जेल जाने के बाद से स्थानीय लोगों ने बोलना शुरू किया। लोगों ने पुलिस को बताया कि करीब छह महीने से सभापति रमेश यादव दारुल शफा वाले फ्लैट में नहीं आए थे।
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