2019 लोकसभा चुनाव: अमित शाह-नीतीश कुमार के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय, BJP को होगा ये नुकसान

Updated on: 13 November, 2019 11:36 AM
अमित शाह के साथ बैठक से पहले नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दोपहर में लगभग एक घंटे लंबी मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच सीटों के बंटवारे, राजनीतिक समीकरण और बिहार की लंबित योजनाओं पर चर्चा हुई। बिहार में सूखे की गंभीर हालात पर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा की और केंद्र से मदद भी मांगी। नीतीश कुमार ने भी कहा कि बातचीत हो चुकी है और अमित शाह ने जैसी घोषणा की कि जदयू और भाजपा बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। बाकी सहयोगी दलों से अंतिम दौर की बातचीत चल रही है और दो-तीन दिनों में चीजें तय हो जाएंगी। नीतीश कुमार ने दिल्ली में अपनी पार्टी के नेताओं से भी चर्चा की है। सूत्रों के अनुसार, बिहार में भाजपा और जदयू 16-16 सीटों पर, लोजपा पांच सीटों पर व रालोसपा दो सीटों पर चुनाव लड़ेगी। एक सीट रालोसपा से अलग हुए अरुण कुमार को दी जा सकती है। बीजेपी और जेडीयू के बीच हुए इस सीट शेयरिंग फॉर्मूले से बीजेपी को अपने आधा दर्जन सांसदों की सीटों को छोड़ना पड़ रहा है। आपका बता दें कि इस वक्त बिहार में बीजेपी के 22, लोजपा के 6, आरएलएसपी ने तीन और जेडीयू को दो सांसद हैं। शाह ने कहा कि यह भी तय हुआ है कि बिहार में नीतीश कुमार, रामविलास पासवान और सुशील कुमार मोदी पूरे अभियान को नेतृत्व प्रदान करेंगे। उपेंद्र कुशवाहा के बारे में सवाल के जवाब में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कुशवाहा भी हमारे साथी है व सभी एक साथ हैं। सीटों के बंटवारे में संख्या के बारे में एक सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि एक बार सैद्धांतिक बातें तय हो जाने के बाद कौन किन-किन सीटों पर चुनाव लड़ेगा, इस बारे में बिहार की पार्टी इकाई व नीतीश कुमार चर्चा कर तय कर लेंगे। मौजूदा गणित को देखें तो जदयू-बीजेपी अगर 16-16 सीटों पर चुनाव लड़ती है तो बाकी आठ में पांच/छह लोजपा और दो/तीन रालोसपा को मिल सकती है। इस फॉर्मूले पर भाजपा को लड़ी हुई 30 सीटों में से 14 तो जीती हुई 22 सीटों में से छह की कुर्बानी देनी होगी। वहीं अगर जदयू-भाजपा 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ते हैं, तो बाकी बची छह सीटों में से लोजपा को चार और रालोसपा को दो सीटें मिल सकती है। इस परिस्थिति में भी भाजपा को 2014 में लड़ी गई 30 सीटों में 13 और जीती हुई 22 में पांच सीटों की कुर्बानी देनी पड़ सकती है। बीजेपी वर्ष लड़े जीते वोट प्रतिशत 2004 16 05 14.57 2009 15 12 13.93 2014 30 22 29.86 जदयू वर्ष लड़े जीते वोट प्रतिशत 2004 24 06 22.36 2009 25 20 24.04 2014 38 02 16.04
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