पीएम ने रामनगर बंदरगाह को लोकार्पित कर गंगा को किया प्रणाम

Updated on: 17 October, 2019 07:03 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामनगर में जलमार्ग परियोजना को लोकर्पित कर न सिर्फ ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिया। बल्कि देशी-विदेशी को पर्यटन को काफी बूम मिलेगी। देश के पहले बंदरगाह का उद्घाटन करने के बाद मां गंगे को प्रणाम भी किया। पीएम रामनगर स्थित गंगा किनारे निर्मित बंदरगाह पर सोमवार की शाम करीब सवा तीन बजे पहुंचे थे। जेटी पर ही लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रमस्थल पर पहुंचने के बाद सबसे पहले जल परियोजना के लिए बने मॉडल को देखा। परियोजना के चेयरमैन ने पांच मिनट तक मॉडल से पूरी कार्ययोजना की बारीकियों को समझाया। मोदी ने रिमोट से कंटेनर को उठाने के लिए हरी झंडी दी। इसके बाद क्रेन से कोलकाता से आए जहाज पर लदे 16 कंटेनर में से एक कंटेनर को जेटी पर रखकर परियोजना को शुभारम्भ किया गया। इसके बाद बंदरगाह से रवाना होने से पहले मोदी ने क्रेन के किनारे जाकर गंगा को झुककर नमन किया। हाईवे से कार्यक्रम देखने वालों का लगा रहा तांता रामनगर। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखने के लिए कार्यक्रम स्थल से 500 मीटर दूर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर लोगों की भीड़ लगी रही। पुल पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की ओर से मनाही करने के बाद भी लोग पुल पर जमे रहे। कार्यक्रम के दौरान घंटे भर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़े वाहनों को रोक दिया गया था। कार्यक्रम के बाद देर शाम तक ट्रकों की लंबी कतार लगी रही। उद्यमियों ने कहा, घाटे का सौदा होगा जलपरिवहन रामनगर। बंदरगाह के लोकार्पण कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित रामनगर इंडिस्ट्रिल एसोसिएशन के उद्यमियों ने कहा कि जल परिवहन से माल ढुलाई में लगने वाले समय के कारण जल परिवहन महंगा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष शेषपाल गर्ग ने बताया कि बंदरगाह से कार्गों के माध्यम से कोई सामान कोलकाता पहुंचने में 7 दिन लगेंगे और प्रति क्विंटल 200 रुपए किराया निर्धारित है।जबकि सड़क मार्ग से यह समान 24 से 36 घंटे में पहुंच जाएगा और 125 रुपये प्रति कुंतल किराया पड़ता है। इससे छोटे उद्यमियों को नुकसान होगा ।
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