नेचर,कल्चर और एडवेंचर का संगम बनेगा बनारस

Updated on: 20 October, 2019 05:48 PM
काशी के विकास-विस्तार एवं रफ्तार को नई दिशा देने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आने वाले दिनों में बनारस नेचर, कल्चर एवं एडवेंचर का संगम बनेगा। उन्होंने कहा कि काशी की पौराणिकता व आध्यात्मिकता को ध्यान में रखते हुए इस शहर को आधुनिक बनाने का कार्य हो रहा है। यह देश का पहला ऐसा शहर होगा जो अपनी संस्कृति, सभ्यता को बनाए रखने के साथ ही विकास की दौड़ में सबसे आगे होगा। सोमवार को वाजिदपुर में आयोजित जनसभा में काशी की जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सभा की शुरुआत और अंत में हर-हर महादेव का उद्घोष किया। छठ पर्व के मद्देनजर उन्होंने छठी मैया का भी जयकारा लगवाया। इस दौरान काशी से अपने रिश्ते को जोड़ना नहीं भूले। कहा कि इस काशी ने उन्हें सांसद और प्रधानमंत्री बनाया। इस शहर के साथ देश के विकास की जिम्मेदारी आपने जो सौंपी है और जो संकल्प मैंने लिया है उसे पूरा करने की कोशिश कर रहा हूं। हमारी कोशिश है कि बनारस आने वाले लोग यहां की संस्कृति के साथ ही बदलते बनारस को महसूस करें। बाबतपुर फोरलेन, रिंग रोड, जलपरिवहन परियोजना, गंगाघाट, स्वच्छता, हृदय योजना के तहत हेरिटेज स्थलों का संरक्षण, बिजली तारों के जंजाल से मुक्ति समेत तमाम ऐसे कार्य हुए हैं और आगे भी होते रहेंगे जो बनारस की तस्वीर के पुरातन के साथ आधुनिक सिटी के रूप में स्थापित करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की पहली जलपरिवहन परियोजना आने वाले दिनों में बनारस ही नहीं पूर्वी भारत के अनेक इलाके समय के साथ 'क्रूज टूरिज्म के लिये भी जाने जाएंगे। यह सब काशी की संस्कृति, सभ्यता और संस्कार के अनुरूप ही होगा। पारम्परिक काशी के आधुनिक स्वरूप की अवधारणा के साथ ही विकास कार्य कराए जाएंगे। पूर्वी भारत में पर्यटन पर्यटन व कारोबार को नया विस्तार प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के भीतर पहले बड़े-बड़े जहाज चलते थे, लेकिन आजादी के बाद इसकी उपेक्षा की गई। इससे देश का बड़ा नुकसान हुआ। पूर्ववर्ती सरकारों ने नदियों की उपेक्षा की। उससे होने वाले सुविधाओं-संसाधनों का उपयोग नहीं किया। पीएम ने कहा कि चार साल पहले मैंने जब बनारस से हल्दिया को जोड़ने की बात कही थी तो लोगों ने इसका मजाक बनाया था। लेकिन अब यहां आए कंटेनर से भरे जहाज ने सभी को जवाब दे दिया है। आज मल्टी-माडल टर्मिनल का उद्घाटन मैंने किया। इससे दशकों पूर्व का लोगों का सपना पूरा हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में इस जलपरियोजना से केवल बनारस ही नहीं बिहार, झारखंड, बंगाल समेत पूर्वी भारत में व्यापार एवं पर्यटन का भी विस्तार होगा। छोटी-छोटी जरूरतों का भी ध्यान रखा पीएम ने कहा कि हमने सिर्फ बड़ी बड़ी परियोजनाओं पर ही जोर नहीं दिया बल्कि लोगों की छोटी-छोटी जरूरतों का भी ध्यान रखा। इस संदर्भ में उन्होंने आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री बीमा समेत कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुष्मान योजना से दो लाख से अधिक गरीबों को मुफत इलाज की सुविधा मिल रही है। गंगा के नाम पर बर्बादी नहीं गंगा निर्मलीकरण के मद्देनजर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार गंगा सफाई के नाम पर गंगा में धनराशि नहीं बहा रही है बल्कि गंगा की सफाई में लगा रही है। 23 हजार करोड़ की स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने कहा, हम जानते हैं कि पहले की सरकारों ने गंगा की सफाई के नाम पर किस तरह हजारों करोड़ रुपए बर्बाद किए। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में भागीदार बने काशीवासी प्रधानमंत्री ने कहा कि जनवरी में बनारस में आयोजित होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में मैं भी मेहमानों का स्वागत करने के लिए मौजूद रहूंगा। उन्होंने काशीवासियों से अपील कि दुनिया के सबसे प्राचीन शहर की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप उस सम्मेलन में आने वाले मेहमानों का इस तरह स्वागत के प्रबंध हों जिससे उनके जीवन में काशी के प्रति अमिट याद बन जाय। उन्होंने कहा कि काशी ने हमेशा आतिथ्य भाव का संदेश दिया है। पिछले दिनों आए कई राष्ट्राध्यक्षों ने इसे महसूस भी किया। पीएम ने दी, परियोजना पूरी होने की बधाई.. पीएम ने कहा कि कई सारी परियाजनाएं पूरी होने पर काशीवासियों को दिल से बधाई देता हूं। वाराणसी से कंटेनर वाले जहाज चलने से अब बंगाल की खाड़ी से वाराणसी जुड़ गया है।
View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया