शिवसेना-VHP के कार्यकर्ता अयोध्या में जुटे, एक बार में सिर्फ 5 श्रद्धालुओं को ही दर्शन की इजाज़त

Updated on: 21 April, 2019 04:26 PM
अयोध्या में शिवसेना व विहिप के प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। अयोध्या को नौ जोन, 16 सेक्टर और 30 माइक्रो सेक्टर में बांटा गया है। इसके अलावा ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी कैमरा और एटीएस की टीम भी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के सुपरविजन के लिए शासन के निर्देश पर पांच आईपीएस अफसर और पीएसी के तीन कमांडेंट रैंक अधिकारी भी पहुंच गए हैं। अयोध्या और फैजाबाद में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की निगरानी रहेगी। शासन के निर्देश पर एडीजी टेक्निकल आशुतोष पांडेय व डीआईजी झांसी रेंज सुभाष सिंह बघेल ने अयोध्या पहुंचकर कमान संभाल ली है। एडीजी पांडेय रामजन्म भूमि के ब्लू व यलो जोन के प्रभारी हैं। बघेल रामजन्मभूमि परिसर के रेड जोन व विहिप के सभी कार्यक्रमों के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये दोनों अफसर अयोध्या में कार्यक्रम समापन तक कैंप करेंगे। आईपीएस राजेश पांडेय, हेमंत कुटियाल, वैभव कृष्णा, अखिलेश चौरसिया व अन्य अफसरों ने भी कमान संभाल ली है। पीएसी के तीन कमांडेंट रैंक के अधिकारी भी लगाए गए हैं। प्रभारी एसएसपी संजय कुमार ने बताया कि रामजन्मभूमि का दर्शन निर्धारित समय पर ही होगा। एक साथ पांच श्रद्वालुओं को ही दर्शन की इजाजत दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जोन का प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी, सेक्टर प्रभारी के रूप में डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। माइक्रो सेक्टर में इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति की हरकत पर ड्रोन व सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जाएगी। कंट्रोल रूम भी संचालित किया जाएगा। रामलला के दर्शन मार्ग को छोड़ रामकोट सील शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के आगमन के कार्यक्रम के साथ विश्व हिन्दू परिषद की ओर से आयोजित धर्मसभा में उमड़ने वाली भीड़ से सुप्रीम कोर्ट के यथास्थिति के आदेश के उल्लंघन के अंदेशे के मद्देनज़र अधिग्रहीत परिसर की फूलप्रूफ सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। शासन के निर्देश पर अधिग्रहीत परिसर के त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे को और पुख्ता करने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। इसके अलावा मानस भवन के बगल से आने वाले वीआईपी मार्ग से आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। राम मंदिर के करीब रहती है कड़ी सुरक्षा विराजमान रामलला पहले इनर कार्डन में है जो कि आइसोलेशन जोन में आता है। इस जोन की सुरक्षा व्यवस्था की कमान केन्द्रीय सुरक्षा बल के हवाले हैं। अधिग्रहीत परिसर का शेष भाग रेड जोन कहलाता है जिसमें केन्द्रीय सुरक्षा बल के साथ सिविल पुलिस भी सहयोगी है। इसके अतिरिक्त अधिग्रहीत क्षेत्र के बाहर का पूरा इलाका यलो जोन के अन्तर्गत है, जिसमें सिविल पुलिस के साथ खुफिया शाखा के अधिकारी व कर्मचारी हर संदिग्ध पर अपनी नजर गड़ाए रहते हैं। रामलला के दर्शन के लिए दर्शनार्थियों को पहले से ही तीन अलग-अलग बैरियरों डी-वन, डी-टू एवं डी-थ्री पर सघन तलाशी से गुजरना पड़ता है। हुनमानगढ़ी के रास्तेत ही रामजन्मभूमि जा सकेंगे श्रद्धालु अधिग्रहीत परिसर की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने रामलला के दर्शनार्थियों के लिए एकमात्र रास्ता ही निर्धारित कर दिया है। यह रास्ता हनुमानगढ़ी के सामने दशरथ राजमहल से होकर रामजन्मभूमि तक जाता है। इस रास्ते पर जाने वाले श्रद्धालुओं को कड़ी जांच के बाद ही दर्शन के लिए जाने दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त रामकोट आने वाले सभी रास्तों को बैरिकेडिंग और ट्राली बैरियर लगाकर बंद किया जा रहा है। इसके साथ ही इन रास्तों के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। रामकोटवासी परिचय पत्र दिखाकर पा सकेंगे प्रवेश सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए जिला प्रशासन ने रामकोट के स्थानीय लोगों के आवागमन के लिए परिचय पत्र की व्यवस्था लागू की है। यह व्यवस्था शुक्रवार से ही लागू हो गई है। हनुमानगढ़ी के रास्ते को छोड़कर सभी रास्तों पर आने वालों से सुरक्षाकर्मी परिचय पत्र मांग रहे हैं। वह परिचय पत्र आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड हो सकता है। रामकोट वासी इससे आक्रोशित हैं लेकिन कोई और चारा नहीं है। पीएसी के साथ केंद्रीय बल भी तैनात : ओपी सिंह, डीजीपी अयोध्या में विश्व हिन्दू परिषद और शिवसेना के आयोजनों के मद्देनजर शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किये गए हैं। 24-25 नवंबर को पूरी अयोध्या छावनी में तब्दील रहेगी। इसके लिए पुलिस व पीएसी के अलावा केंद्रीय बलों की भी तैनाती की गई है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए एटीएस के कमांडो भी वहां मौजूद रहेंगे। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि अयोध्या में जिले की फोर्स के अलावा एक एडीजी, एक डीआईजी, तीन एसपी, 10 एएसपी, 21 डीएसपी, 160 इंस्पेक्टर, 700 कांस्टेबल, 42 कंपनी पीएसी व 5 कंपनी आरएएफ और एटीएस के कमांडो भी तैनात किये गए हैं। कानून-व्यवस्था की दृष्टि से निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे भी लगाए गए हैं। अयोध्या के सर्वाधिक संवेदनशील अधिग्रहीत परिसर वाले क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंधों की निगरानी में एडीजी व डीआईजी स्तर के अधिकारी लगाये गए हैं। पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई है, ताकि शांति बनी रहे और ट्रैफिक नियंत्रित रहे।
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