रूस से टकराव के बीच यूक्रेन में मार्शल लॉ, पुतिन ने कीव को चेताया, सुरक्षा परिषद ने बुलाई आपात बैठक

Updated on: 18 November, 2019 11:25 PM
रूस से टकराव बढ़ने के बीच यूक्रेन की संसद ने सोमवार को देश के सीमावर्ती इलाकों में मार्शल लॉ लगाने को मंजूरी दे दी। यूक्रेन ने यह कदम ऐसे समय उठाया, जिससे पहले उसके तीन जहाजों और 23 नौसैनिकों को रूस ने पकड़कर अपने कब्जे में ले लिया। यूक्रेन संसद में मतदान : गहन चर्चा के बाद यूक्रेन के 276 सांसदों ने 30 दिन के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में मार्शल लॉ लगाने के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। पोरोशेंको पूरे देश में मार्शल लॉ लगाना चाहते थे। लेकिन विपक्षी सांसदों के विरोध के कारण इसे सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित रखा गया। मार्शल लॉ उन सीमावर्ती इलाकों में लगाया जा रहा है जहां रूस के हमले की आशंका है। सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा गया है। हालांकि पोरोशेंको ने कहा कि इसका मतलब युद्ध की घोषणा नहीं है। रूसी कदम के बाद निर्णय : यूक्रेन ने मार्शल लॉ लगाने का फैसला तब किया, जब उसके तीन जहाजों को 23 नौसैनिकों समेत रूसी बलों ने रविवार को जब्त कर लिया। रूस ने आरोप लगाया कि कीव के जहाज अजोव सागर में क्रीमिया के तट के पास अवैध तरीके से रूसी जल क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। रूस ने लगे हाथ कर्च स्ट्रेट जलमार्ग पर अपना टैंकर खड़ा कर उसको अवरुद्ध कर दिया। संघर्ष नए स्तर पर पहुंचा : मतदान से पहले पोरोशेंको ने कहा कि रूस लंबे समय से दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष को दूसरे स्तर पर ले गया है। उन्होंने मॉस्को पर आक्रामक बर्ताव करने का आरोप लगाया। यूक्रेन के विदेश मंत्री पावलो क्लिकिन ने कहा, यह रूसी संघ की ओर से यूक्रेन के खिलाफ हमले का सुनियोजित कृत्य है। इस बीच, रूस के सरकारी टेलीविजन चैनलों पर समुद्र में टकराव को लेकर यूक्रेन के जहाजों की जब्ती के बाद बंधक बनाए गए यूक्रेनी नाविकों की तस्वीरें भी प्रसारित की गईं। इसमें रूसी अधिकारियों को उनसे पूछताछ करते दिखाया गया। सुरक्षा परिषद की बैठक : ताजा घटनाक्रम से यूक्रेन और रूस के बीच सैन्य गतिविधियां बढ़ने का डर पैदा हो गया है। इसके मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें अमेरिकी राजदूत निक्की हैले ने रूस को गैरकानूनी कार्रवाई के लिए चेतावनी दी। यूक्रेन के पक्ष में यूरोप : यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों का कहना है कि रूस ने अवैध तरीके से जलसंधि को अवरुद्ध किया है। उसने यूक्रेन के जहाज और नाविकों को बंधक बनाकर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने पहले ही संघर्ष को लेकर रूस पर प्रतिबंध लगा रखे हैं। जबकि यूरोपीय राजधानियों ने सोमवार को कीव के प्रति समर्थन जताया। मार्च 2014 में यूक्रेन से निकलकर क्रीमिया रूस में मिल गया था। उसी समय से रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष जारी है। रूस के रवैये से ट्रंप नाराज अमेरिका ने सोमवार को कहा कि यूक्रेन के जहाजों के खिलाफ रूस के बल प्रयोग करने से वह खुश नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, हम इस घटना को लेकर बिल्कुल खुश नहीं हैं। हमने अपना रुख जाहिर कर दिया है। जो कुछ भी हो रहा है वह हमें पसंद नहीं है। उम्मीद है यह ठीक हो जाएगा। उन्होंने कहा, मैं जानता हूं कि यूरोप भी इसको लेकर खुश नहीं है। वह इस पर काम कर रहा है। हम सब मिलकर काम कर रहे हैं। पुतिन ने कीव को आगाह किया रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को यूक्रेन को कोई भी दुस्साहसी कदम उठाने के प्रति आगाह किया है। पुतिन ने जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के साथ फोन पर बातचीत की और यूक्रेन के मार्शल लॉ लगाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, कीव ने यह कार्रवाई यूक्रेन में चुनाव अभियान को देखते हुए की है। मुझे उम्मीद है कि जर्मनी यूक्रेन के अधिकारियों को आगे कोई लापरवाही भरा कदम उठाने से रोकने के लिए राजी कर सकता है।
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