बुलंदशहर हिंसाः CM को साजिश का शक, बोले- गोकशी करने वालों को पकड़ें

Updated on: 19 November, 2019 05:28 PM
आधी रात तक कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने बुलंदशहर की हिंसा व आगजनी को एक गहरी साजिश का हिस्सा करार देते हुए ऐसे लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। वहीं गोकशी करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही बुलंदशहर (Bulandshahr) में मारे गए सुमित चौधरी और लखनऊ में मारे गए भाजपा नेता प्रत्युष मणि त्रिपाठी के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। मुख्यमंत्री के रुख के मद्देनज़र माना जा रहा है कि इंटेलीजेंस के एडीजी की रिपोर्ट आने के बाद बुलंदशहर के एसपी को हटाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने बैठक में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि हिंसा फैलाने वालों से कड़ाई से निपटा जाए। अगर किसी जिले में हिंसा होती है तो अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। उन्होंने बुलंदशहर की घटना को षड्यंत्र करार दिया। बैठक के दौरान सवाल उठा कि आखिर कैसे बुलंदशहर में ही ऐसी घटना हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना अचानक नहीं हुई। आखिर यह बवाल उसी शहर में क्यों हुआ जहां एक बड़ा समारोह हो रहा था। मुख्यमंत्री आला पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बुलंदशहर में गोकशी कब से चल रही थी। यह सब कुछ अचानक तो हुआ नहीं। मुख्यमंत्री मंगलवार को देर रात करीब 10 बजे गोरखपुर से लखनऊ पहुंचे। उन्होंने गोरखपुर से लौटने के बाद मुख्य सचिव डा. अनूप चंद्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, डीजीपी ओपी सिंह, अपर प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी, एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार को अपने आ‌वास पर बुलाया। मुख्यमंत्री ने खासतौर पर बुलंदशहर और लखनऊ में हुई घटनाओं पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि बुलंदशहर कांड की गंभीरता से जांच की जाए। गोकशी में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने गोकशी से संबंध रखने वाले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सभी लोगों को समयबद्ध तरीके से गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर की घटना में मारे गए सुमित चौधरी के परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने नाराज़गी जताते हुए कहा कि जब 19 मार्च 2017 से अवैध बूचड़खाने बंद कर दिए गए हैं तो यह अवैध कार्य कैसे हो रहा था। मुख्यमंत्री ने इस घटना के मद्देनज़र सभी जिलों के डीएम व एसपी को निर्देश दिए कि जिन जिलों में इस तरह की अ‌वैध काम होंगे, वहां के अधिकारी सीधे व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने ऐसे काम हर हाल में रोकने के निर्देश दिए और मुख्य सचिव व डीजीपी से इसे जमीनी स्तर पर अनुपालन कराने के निर्देश दिए। बैठक में अपर प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी के अलावा मुख्यमंत्री के सलाहकार मृत्युंजय कुमार भी मौजूद रहे।
View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया