ऑटो व ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल से यात्री रहे बेहाल

Updated on: 20 October, 2019 05:52 PM
ऑटो व ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल से मंगलवार को आमजन को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। शहर में ऑटो व ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह ठप रहा, जिसके चलते स्कूल, ऑफिस, धर्म-कर्म एवं व्यापार के सिलसिले में आने-जाने वाले लोगों को मुश्किलें उठानी पड़ी। रेलवे स्टेशन, रोडवेज, कचहरी, इंग्लिशिया लाइन, मैदागिन, लंका, भोजूबीर आदि स्थानों पर लोगों को साधन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। यदि कोई ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा दिखाई पड़ता तो गन्तव्य तक जाने के लिए मारामारी की स्थिति नजर आई। इस दौरान हड़ताली ऑटो, ई-रिक्शा चालकों के आक्रोश का भी लोगों को सामना करना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन दी ऑटो रिक्शा वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले सैकड़ों ऑटो व ई-रिक्शा चालकों ने नदेसर से रैली निकाली और जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि एसपी ट्रैफिक मनमाने तरीके से प्रतिबन्ध लगाते जा रहे हैं। जगह-जगह कट बंद किये जा रहे हैं। स्टैंड होते हुए भी वाहनों के जाने पर रोक लगायी जा रही है। रोजाना सैकड़ों ऑटो चालकों का चालान किया जा रहा है। सिपाही वसूली कर रहें हैं लेकिन कहीं पर भी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए एसीएम चतुर्थ को सौंपा। एसीएम ने उच्चाधिकारियों से बातकर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान सोसाइटी के जिलाध्यक्ष घनश्याम यादव, अशोक कुमार मिश्र, विपिन सिंह, राजेश पांडेय, अशोक कुमार मिश्र, राजेश पांडेय, धर्मराज पटेल, संदीप यादव समेत कई लोग रहे। लिफ्ट मांगकर पहुंचे लोग ऑटो व ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल से परेशान लोगों ने बाइकसवारों से लिफ्ट मांगी। परेशानी को देखते हुए बाइक सवारों ने भी लोगों की खूब मदद की। सबसे अधिक परेशानी कैंट से लंका, गोदौलिया से लहुराबीर, लहुराबीर से कचहरी, पांडेयपुर, चौकाघाट से बेनियाबाग, मैदागिन, कचहरी से शिवपुर समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में जाने के लिए लोगों को घंटों का समय लगा। वहीं स्कूल व कॉलेज से छूटने वाले छात्रों को खूब परेशानी हुई। यूनियन वालों ने जबरदस्ती रुकवाया ऑटो व ई-रिक्शा की हड़ताल में जो लोग शामिल नहीं थे। उन्हें यूनियन के सदस्यों ने जगह-जगह जबरदस्ती रोक दिया। कचहरी, लंका, कैंट, लहुराबीर, चौकाघाट में देखने को मिला की ऑटो में बैठे सवारियों तक को उतार दिया गया। हड़ताल में शामिल नहीं होने वाले ऑटो चालकों के टायर की हवा निकाल दी गई। यात्रियों के विरोध पर भी यूनियन सदस्य नहीं माने। रिक्शा चालकों ने वसूला मनमाना किराया हड़ताल के कारण रिक्शा चालकों की बल्ले-बल्ले रही। जहां का किराया 20 से 25 रुपये है, वहां 50 रुपये तक वसूले गए। मजबूरी में लोगों को रिक्शाचालकों को मनमाना किराया देना पड़ा। कई जगहों पर तो अधिक किराया देने के बावजूद रिक्शाचालक जाने को तैयार नहीं थे। बाजारों पर पड़ा असर हड़ताल के कारण दशाश्वमेध, गोदौलिया, बेनियाबाग, दालमंडी, चौक समेत कई प्रमुख बाजारों पर असर पड़ा। वाहनों के नहीं चलने से बहुत से लोग दूसरे शहर से आकर भी घर लौट गए। बाजारों में रोज के मुकाबले कम भीड़ देखने को मिली। ऑटो व ई-रिक्शा चालकों की मांगें 1- स्मार्ट सिटी योजना के तहत ऑटो व ई-रिक्शा के स्टैंड की व्यवस्था हो 2- शहर में स्थित गैंगवे व्यवस्था को पुन: शुरू किया जाए। 3- ऑटो स्टैंडों को नहीं हटवाया जाए 4- परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार खत्म हो। 5- परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस द्वारा धारा 207 में ऑटो व ई-रिक्शा को सीज न किया जाए। 6- ऑटो रिक्शा के शहरी व ग्रामीण परमिट को निरस्त किया जाए व केन्द्र से 20 किमी जाने की अनुमति दी जाए 7- बड़ी गाड़ियों का शहर में संचालन बंद किया जाए 8- जगह-जगह बंद किए गए कट खोले जांए
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