आज 10 लाख से ज्यादा बैंक कर्मचारी रहेंगे हड़ताल पर, ये है कारण

Updated on: 18 July, 2019 08:52 AM
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारी बुधवार को हड़ताल(Strike) पर रहेंगे। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों की यूनियन ने बैंक ऑफ बड़ौदा(BOB) में विजया बैंक और देना बैंक के प्रस्तावित विलय के विरोध में देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इससे बैंकों का काजकाज प्रभावित हो सकता है। हालांकि, निजी क्षेत्र के बैंकों में कामकाज सामान्य रहेगा। एक सप्ताह से भी कम समय में यह दूसरी बैंक हड़ताल है। बैंक अधिकारियों की यूनियन ने प्रस्तावित विलय और वेतन संशोधन पर बातचीत को जल्दी निष्कर्ष पर पहुंचाने को लेकर पिछले 21 दिसंबर को भी हड़ताल की थी। अधिकतर बैंकों ने पहले ही ग्राहकों को हड़ताल के बारे में सूचना दे दी है। निजी क्षेत्र के बैंकों में कामकाज आम दिनों की तरह सामान्य रहेगा। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के करीब 10 लाख कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने हड़ताल का आह्वान किया है। यूएफबीयू नौ बैंक यूनियनों का संगठन है। इसमें आल इंडिया बैंक आफिसर्स कनफेडरेशन (एआईबीओसी), आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए), नेशनल कनफेडरेशन आफ बैंक एंप्लाइज (एनसीबीई) और नेशनल आर्गेनाइजेशन आफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) आदि यूनियनें शामिल हैं। एआईबीईए के महासिचव सीएच वेंकटचलम ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य श्रम आयुक्त ने सुलह सफाई के लिए बैठक बुलाई थी, लेकिन उससे कोई हल नहीं निकला। इसीलिए सभी यूनियनों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान न तो सरकार और न ही संबंधित बैंकों ने आगे आकर यह भरोसा नहीं दिलाया कि वे विलय के लिए कदम नहीं उठाएंगे। वेतन पर भी टकराव वेतन संशोधन पर नेशनल आर्गेनाइजेशन आफ बैंक वर्कर्स के उपाध्यक्ष अश्विनी राणा ने कहा, वेतन संशोधन नवंबर, 2017 से लंबित है। अब तक इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने वेतन में आठ प्रतिशत वृद्धि की पेशकश की है जो यूएफबीयू को स्वीकार्य नहीं है।
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