पाक के बहाने भारत को घेर रहा चीन, हिंद महासागर में पाक के लिए बना रहा उन्नत युद्धपोत

Updated on: 19 October, 2019 04:16 PM
हिंद महासागर में अपने सदाबहार मित्र पाकिस्तान के साथ अपनी मौजूदगी को मजबूत करते हुए चीन समुद्र के रास्ते भारत को घेरने की तैयारी में है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक चीन पाकिस्तान के लिए एक अति उन्नत युद्धपोत तैयार कर रहा है। यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद महासागर में शक्ति संतुलन सुनिश्चित करने के लिए दोनों देशों के बीच हुए एक समझौते का नतीजा है। चीन के अखबार ‘चाइना डेली' की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने चीन से चार अत्याधुनिक युद्धपोत खरीदने की घोषणा की थी। मौजूदा युद्धपोत ‘टाइप-054एएस' इन्हीं में से एक है। इस पोत का निर्माण शंघाई स्थित हुदोंग-झोंगहुआ पोत कारखाने में हो रहा है। खबरों के मुताबिक निर्माणाधीन युद्धपोत चीनी नौसेना के बेड़े में शामिल सबसे उन्नत गाइड मिसाइल युद्धपोत का ही संस्करण हैं। युद्धपोत निर्माण की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि ‘टाइप-054एएस' चीन द्वारा निर्यात किया गया अब तक का सबसे बड़ा युद्धपोत है। पाक नौसना को मिलेगी मजबूती पाकिस्तानी नौसेना के बेड़े में शामिल होते ही यह नय युद्धपोत नौसेना का अधिक मजबूती प्रदान करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक यह पाक नौसेना के पास मौजूद अब तक सबसे विशाल और उन्नत युद्धपोत होगा। यह भविष्य में पाकिस्तानी नौसेना को हिंद महासागर में बड़ी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगा। आधुनिक खोजी-हथियार प्रणाली से लैस चीन के अखबार ‘चाइना डेली' ने चाइना स्टेट शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन (सीएसएससी)के हवाले से बताया है कि यह टाइप 054एएस युद्धपोत आधुनिक खोजी एवं हथियार प्रणाली से लैस होगा। यह पोत रोधी, पनडुब्बी रोधी और वायु रक्षा अभियान में दक्ष होगा। यह निर्माणाधीन पोत चीनी नौसेना के अत्याधुनिक गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट का संस्करण है। चीनी नौसेना के पास ऐस 30 युद्धपोत हैं। चीनी मिलाइले दागने में भी सक्षम इंटरनेट पर वायरल हुई इस युद्धपोत की तस्वीरों को देखकर साफ है कि इस युद्धपोत से चीनी एचक्यू-16 हवाई रक्षक मिसाइले दागने का लॉन्चिंग पैड है। इस प्रणाली का मतलब यह भी है कि पाकिस्तान भविष्य में चीनी मिसाइलों का इस्तेमाल करने में भी सक्षम होगा जो उसे बेहद शक्तिशाली बना सकता है। ऐसा दावा है कि इस युद्धपोत पर सभी राडार और हथियार प्रणाली चीन द्वार निर्मित होंगी। इससे पाकिस्तान की सेना को अतिरिक्त शक्ति प्राप्त होगी। जिबूती, ग्वादर, हम्बनटोटा पर पहले से चीन का कब्जा हिंद महासागर में लगातार चीन अपनी दखल को बढ़ा रहा है। इस तरह समुद्र के रास्ते भारत का घेराव करने की उसकी काशिश में पाकिस्तान के लिए इस नए युद्धपोत का निर्माण भी शामिल है। इससे पहले चीन सपीईसी के अंतर्गत पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह पर कब्जा कर चुका है। वहीं श्रीलंका में रणनीतिगत ढंग से चीन जिबूती और हम्बनटोटा बंदरगाहों पर 99 वर्षी की लीस का सौदा हथिया लिया है। वहां चीन अपने सैन्य अड्डे कायम कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में भी दावा किया गया था कि चीन सीपीईसी के अंतर्गत पाकिस्तान में अपने लड़ाकू विमानों को तैनात कर रहा है। हालांकि चीन ने इस रिपोर्ट के दावों को खारिज कर दिया था। भारत ने भी आर्थिक गलियारे पर आपत्ति जताई थी। जेएफ थंडर भी बना रहे चीन अपने सदाबहार मित्र पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा देश है। दोनों देश संयुक्त रूप से जेएफ-थंडर का निर्माण भी कर रहे हैं। यह एकल इंजन वाला लड़ाकू विमान है।
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