चौथी मंजिल से गिरे 14 माह के बच्चे को पेड़ ने बचाया, हकीकत जान नहीं होगा यकीन

Updated on: 21 August, 2019 03:55 PM
यह दिल दहला देने वाली घटना मुंबई के गोवंदी स्थित बीएस देवाशी रोड पर हुई है। यहां एक फ्लैट में रहने वाले परिवार की सांसें उस समय हलक में अटक गईं जब उनका 14 माह का बच्चा अचानक फ्रेंच विंडो से बाहर गिर गया। इस बच्चे का नाम अथर्व है और प्यार से घर में उसे श्री बुलाया जाता है। यह घटना गुरुवार को हुई। गोवंदी पूर्व में बीएस रोड देवाशी रोड पर गोपी कृष्ण बिल्डिंग में अजीत बरकडे का परिवार रहता है। अथर्व उनका बेटा है और घर में उनकी पत्नी ज्योति, उनके माता-पिता, उनके दादा व अन्य परिजन रहते हैं। अथर्व की दादी मंगला ने बाहर सूख रहे कपड़े उठाने के लिए लिविंग रूम की खिड़की खोली थी, जिसमें कोई ग्रिल नहीं है। कपड़े उठाने के बाद उन्होंने ध्यान नहीं दिया कि खिड़की ठीक से बंद नहीं हुई है। अथर्व लिविंग रूम में खेल रहा था और वह अचानक खिड़की की तरफ चला गया। खिड़की में 2 फीट के किनारे से होता हुआ वह नीचे गिर गया। मंगला ने एचटी को बताया कि अथर्व कमरे में खेल रहा था, इसलिए पहले तो उनका ध्यान इस ओर गया ही नहीं। अजीत का ध्यान इस ओर गया और पूरा परिवार अथर्व को देखने के लिए सीढ़ियों से नीचे भागा। नीचे उन्होंने देखा कि अथर्व पेड़ की झुकी हुई डालियों के बगल में जमीन पर ठीक-ठाक अवस्था में जमीन पर गिरा हुआ है। यह पेड़ अजीत के फ्लैट के नीचे बिल्डिंग क्षेत्र के अंदर है। समझा जा रहा है कि अथर्व खिड़की से गिरकर पेड़ की डालियों में उलझ गया और डालियों के झुकने से वह जमीन पर आ गिरा। पेड़ की वजह से इतनी ऊंचाई से गिरने का असर उस छोटे से बच्चे पर नहीं हुआ। अजीत ने जब अथर्व को उठाया, तो वह रोने लगा। फिर परिजन उसे दो प्राइवट हॉस्पिटल में ले गए और बाद में फोर्टिस हॉस्पिटल मुलुंड ले गए। दोनों अस्पताल में बच्चे को एडमिट नहीं किया जा सका, क्योंकि यहां जरूरी पेडियाट्रिक सुविधाएं नहीं थी। वह अभी इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शशिकांत माने ने कहा कि बच्चे की हालत स्थिर है। उसे होठों और एक पैर में चोट आई है। पेड़ की वजह से इतनी ऊंचाई से गिरने का प्रभाव काफी कम हो गया। अजीत का परिवार पिछले साल जनवरी में गोपी कृष्ण बिल्डिंग में रहने आया था। यहां के कई फ्लैट्स में अब भी सेफ्टी ग्रिल लगाना बाकी है। बरकडे परिवार को खाद और फर्टिलाइजर का कारोबार है। अथर्व की आंटी अंजली ने कहा कि हमारा काम पेड़ों के लिए खाद और मिट्टी उपलब्ध कराने का है और हम खुश हैं कि पेड़ की वजह से हमारे बच्चे की जान गई है। हम सब बिना खाए पिए सुबह से बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य के लिए पूजा कर रहे हैं।
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