सबरीमाला मंदिर विवाद: हिंसक घटनाएं जारी, 1369 लोग अब तक गिरफ्तार

Updated on: 19 November, 2019 05:26 PM
सबरीमाला मंदिर में बुधवार तड़के 50 वर्ष से कम उम्र की दो महिलाओं के प्रवेश के विरोध को लेकर शुरु हुआ आंदोलन अब हिंसक रुप ले चुका है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की ओर से शांतिपूर्ण हड़ताल से शुरु हुआ आंदोलन अब दक्षिणपंथी और वामपंथी पार्टियों के बीच आगजनी और बम विस्फोटों समेत हिंसक झड़पों में तब्दील हो चुका है। राज्य में 801 मामलों में 1369 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 717 लोगों को नजरबंद किया गया है। देसी बम फेंके इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। राज्य में सत्तारुढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दफ्तरों पर हमले के कारण राज्य के कई हिस्से युद्ध के मैदान में तब्दील हो चुके हैं। राज्य के कई क्षेत्रों में विशेषकर तिरुवनंतपुरम जिले के मलयिन्कीझ, प्रवचम्बलम तथा नेदुमंगड तथा कन्नूर जिले के थालासेरी में दहशत का माहौल बना गया है क्योंकि माकपा तथा भाजपा कार्यकतार्ओं ने एक-दूसरे पर देसी बम फेंके। गौरतलब है कि करीब 40 वर्ष की दो महिलाओं ने पुलिस की मदद से बुधवार को तड़के अयप्पा मंदिर के दर्शन किये। इसके बाद सबरीमाला कर्म समिति ने गुरुवार को महिलाओं के मंदिर में प्रवेश के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया इस दौरान विभिन्न स्थानों पर आंदोलन के समर्थकों तथा विरोधियों के बीच गरुवार और शुक्रवार को भी हिंसक झड़पें हुयीं तथा कई स्थानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हो गये। राज्यपाल ने की शांति की अपील इस बीच केरल के राज्यपाल न्यायाधीश (सेवानिवृत) पी सदाशिवम ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से राज्य में जारी हिंसक घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सदाशिवम ने ट्विटर पर अपने संदेश में कहा, “सबरीमला मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश के बाद राज्य में हुईं हिंसक घटनाओं तथा निजी और सार्वजनिक सम्पत्तियों को नष्ट करने को लेकर मैंने मुख्यमंत्री से रिपोर्ट मांगी है। मैं लोगों से शांति बनाये रखने की अपील करता हूं।” 100 बसें क्षतिग्रस्त विपक्षी कांग्रेस के नेता रमेश चेन्निथला ने टेलीफोन पर राज्यपाल से बात की और राज्य में जारी हिंसक घटनाओं पर रोक लगाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। राज्य में पथराव की घटनाओं के कारण केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की लगभग सौ बसें क्षतिग्रस्त हो गयीं। परिवहन निगम के महाप्रबंधक तोमिन जे थाचनकेरी ने लोगों से सरकारी बसों पर हमला नहीं करने की अपील की है। परिवहन निगम के कर्मचारियों ने भी बसों पर पथराव की घटनाओं के विरोध में शाम को तिरुवनंतपुरम में प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सार्वजनिक सम्पत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने महिलाओं के सबरीमला मंदिर पर प्रवेश करने के बाद हुईं हिंसक घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष दल का गठन किया है। राज्य के जिला पुलिस प्रमुख भी हिंसक घटनाओं में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए विशेष दल का गठन करेंगे। राज्यभर में हुईं हिंसक घटनाओं में कई पुलिसकर्मी तथा राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ता घायल हुए हैं। माकपा कार्यकतार्ओं द्वारा किये गए हमलों में भाजपा के चार कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया