कश्मीर के आतंकियों से हाथ मिलाकर हमले की तैयारी में आईएस

Updated on: 07 December, 2019 04:43 AM
अमरोहा (Amroha) में 26 दिसंबर को पकड़े गए आईएस (IS) के नए मॉड्यूल हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम के तार जम्मू-कश्मीर के आतंकी संगठनों से जुड़ते दिख रहे हैं। एनआईए को घाटी के उन ठिकानों की जानकारी हो गई है, जहां पर आईएस के दो संदिग्ध आतंकी इसी सिलसिले में तीन बार जा चुके हैं। शुरुआती जानकारी में पता चला है कि आईएस का यह मॉड्यूल कश्मीर के आतंकी संगठनों से हाथ मिलाकर संयुक्त रूप से हमला करने की तैयारी में था। 11 जनवरी को एनआईए ने हापुड़ क्षेत्र से मदरसे के मौलाना अबसार को गिरफ्तार किया। सूत्रों के मुताबिक, मौलाना अबसार हापुड़ के वैठ गांव निवासी मौलाना साकिब के साथ आतंकी गतिविधियों के सिलसिले में मई से अगस्त 2018 के बीच तीन बार जम्मू कश्मीर गया था। दोनों ने कश्मीर के त्राल, राजौरी और बांदीपुर में जाकर आतंकी गुटों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश की थी। आईएस का यह मॉड्यूल कश्मीरी आतंकियों की मदद से हथियारों का इंतजाम करने की कोशिश में था। साकिब और अबसार ने त्राल में एक मुफ्ती से मुलाकात की थी, जिसने उनकी मुलाकात एक आतंकी से कराई थी। सूत्रों ने बताया कि एनआईए की एक टीम ने त्राल पहुंचकर मुफ्ती से भी पूछताछ की है। अबसार से पूछताछ के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया है कि आईएस के संदिग्ध आतंकी कश्मीर के आतंकी संगठनों के संपर्क में आ चुके थे और अपने नापाक इरादों को अंजाम देने के लिए उनसे मदद मांग रहे थे। यह मदद हथियार उपलब्ध कराने, ट्रेनिंग देने और आतंकी हमलों को अंजाम देने से जुड़ी हुई थी। कुल मिलाकर उनकी मंशा कश्मीर के आतंकियों को भी अपने पक्ष में कर हमला करने की थी। हथियार सप्लायर के दो दोस्त फरार राधना गांव के हथियार सप्लायर नईम के दो संदिग्ध दोस्त अभी फरार चल रहे हैं। आरिफ और मतलूब के बारे में कुछ पता नहीं है। पिछले दिनों एनआईए ने इनके घरों पर दबिश दी थी, लेकिन ये मौजूद नहीं मिले थे। माना जा रहा है कि ये दोनों युवक भी हथियार सप्लाई से जुड़े हुए हैं। एक चर्चा यह भी है कि दोनों ने खुद एनआईए मुख्यालय दिल्ली पहुंचकर सरेंडर कर दिया है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है।
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