यूपी में दो प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है कांग्रेस, जल्द हो सकता है ऐलान

Updated on: 16 September, 2019 04:37 AM
पहली बार एक प्रदेश की जिम्मेदारी दो प्रभारी महासचिवों को सौंपने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक और नया प्रयोग कर सकते हैं। वह पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए अलग-अलग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त करने की तैयारी कर रहे है। पार्टी जल्द दोनों प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों के नाम का ऐलान कर सकती है। उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए राहुल ने प्रियंका गांधी वाड्रा को पूर्वी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी प्रदेश की जिम्मेदारी दो प्रभारी महासचिवों को दी गई है। इसी तरह पूर्वी और पश्चिमी यूपी के लिए दो प्रदेश अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। पार्टी रणनीतिकार मानते हैं कि एक प्रदेश अध्यक्ष को दो प्रभारी महासचिवों के साथ काम करने में मुश्किल होगी। इसलिए, प्रदेश को दो हिस्सों में बांटते हुए अलग-अलग प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जा सकते हैं। इससे पहले पार्टी ने प्रदेश को चार क्षेत्रों में बांटते हुए प्रभारी नियुक्त किए थे। पर दो प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति किसी प्रदेश में पहली बार होगी। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में किसी ब्रह्मण नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वहीं, पश्चिमी यूपी में ओबीसी या मुसलिम नेता को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। पूर्वी उत्तरप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में ललितेश पति त्रिपाठी और जतिन प्रसाद शामिल हैं। वहीं, पश्चिमी उत्तरप्रदेश में पार्टी मुसलिम को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का फैसला करती है, तो इमरान मसूद को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। अलग-अलग कांग्रेस कमेटी भी! पार्टी नेताओं का कहना है कि पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी अलग-अलग बनाई जा सकती है। पार्टी दीर्घकालिक रणनीति के तहत उत्तरप्रदेश में संगठन को मजबूत करना चाहती है। कांग्रेस का लक्ष्य लोकसभा चुनाव से अधिक प्रदेश विधानसभा चुनाव है। कांग्रेस अध्यक्ष साफ कर चुके हैं कि प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया दो माह के लिए नहीं आए हैं। यह दोनों नेता उत्तरप्रदेश की सियायत बदलने आए हैं।
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