ट्रंप ने व्हिस्की में आयात शुल्क को लेकर भारत पर निशाना साधा

Updated on: 13 December, 2019 06:58 PM
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हिस्की पर 150 फीसदी आयात शुल्क को लेकर भारत पर निशाना साधा। हालांकि साथ ही ट्रंप ने हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल पर आयात शुल्क आधा कराने के भारत के साथ अपने समझौते को सही ठहराया। व्हाइट हाउस में रिपब्लिकन सांसदों के साथ प्रस्तावित पारस्परिक व्यापार अधिनियम पर हुए एक बैठक में ट्रंप ने अमेरिका में आयातित और अमेरिका से निर्यात होने वाले कई मदों पर शुल्क का जिक्र करते हुए उन्हें अनुचित बताया। ट्रंप ने कहा,‘भारत में बहुत ऊंचा शुल्क है। वे बहुत ज्यादा शुल्क लगाते हें। आप व्हिस्की को ही देख लें, भारत उस पर 150 फीसदी शुल्क लगाता है और हमें कुछ नहीं मिलता।’ व्हाइट हाउस में विधि निर्माताओं के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि पारस्परिक व्यापार अधिनियम अमेरिकी कामकाजियों को अन्य देशों के साथ एक समान और उचित स्तर पर व्यापार करने की सुविधा देगा। हालांकि ट्रंप के पारस्परिक व्यापार अधिनियम का उनकी अपनी ही पार्टी विरोध कर रही है। क्योंकि उनको लगता है कि इससे व्यापार बाधित होगा। डेमोक्रेट भी प्रस्तावित कानून के खिलाफ हैं। दो मिनट में हार्ले पर शुल्क आधा कराया था आयात शुल्क पर अपने फैसलों को सही ठहराते हुए ट्रंप ने भारत के साथ एक करार का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भारत ‘हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल के उदाहरण को ही देखें, भारत में इस पर आयात शुल्क 100 फीसदी था, मात्र दो मिनट की बातचीत में मैंने उनसे इसे 50 फीसदी करवा दिया। यह अभी भी 50 फीसदी है जबकि अमेरिका में आयात की जाने वाली मोटरसाइकिल पर मात्र 2.4 फीसदी शुल्क लगता है। लेकिन फिर भी यह एक उचित समझौता है। दरअसल ट्रंप ने हार्ले-डेविडसन के आयात पर भारत द्वारा लगाए जाने वाले उच्च आयात शुल्क को अनुचित बताया था। उन्होंने अमेरिका आयात की जाने वाली भारतीय मोटरसाइकिल पर शुल्क बढ़ाने की धमकी दी थी जिसके बाद पिछले साल फरवरी में भारत ने अमेरिका से आयात की जाने वाली हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल पर आयात शुल्क को 50 फीसदी कर दिया था। भारत से ग्रेनाइट आयात वैश्विक सूची में वहीं अधिनियम को पेश करने वाले कांग्रेसी सीन डफी ने भारत से ग्रेनाइट के आयात को गैर-पारस्परिक शुल्क वाली अपनी वैश्विक सूची में डाल दिया है। इस अधिनियम के मायने पारस्परिक व्यापार अधिनियम को ट्रंप अपने स्टेट ऑफ यूनियन के संबोधन में पेश करने वाले थे। इसके पारित होने से उन्हें किसी विशेष उत्पाद पर किसी भी विदेशी देश के बराबर शुल्क लगाने का अधिकार मिल जाएगा। ऐसा इस स्थिति में अधिक कारगर होगा अगर उस देश का आयातशुल्क अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क की तुलना में कम है। साथ ही यह ट्रंप को यह शुल्क लगाते समय गैर शुल्क बाधाओं को ध्यान में रखने की अनुमति देगा। दूसरे देश निराधार शुल्क वसूल रहे ट्रंप ने कहा कि वह ऐसे शुल्क और कर वसूलते हैं जिसे समझना किसी के लिए भी मुश्किल है। यह इतने अधिक और निराधार हैं। यही नहीं इस पर उनकी बाधाएं हैं जिसके चलते हम वहां व्यापार के लिए बंधे हैं। ट्रंप ने कहा उनकी व्यापारिक बाधाओं के कारण हम अपने उत्पाद वहां नहीं बेंच सकते। उन्होंने कहा या तो दूसरे देश हमें बहुत अच्छा समझतें हैं या फिर वह मान बैठे हैं कि हम कुछ बिलकुल सयाने नहीं हैं। ट्रंप ने कहा, ‘बहुत से देश ऐसा करते रहें हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, हमें इसे रोकना ही होगा।’ उन्होंने कहा कि इनमें से कई मित्र हैं, इनमें से कई सहयोगी भी हैं लेकिन कभी-कभी यह सहयोगी हमारे गैर-सहयोगी दलों की तुलना में हमसे अधिक लाभ उठाते हैं। ट्रंप ने कहा कि पारस्परिक व्यापार अधिनियम से इस समस्या का हल निकलेगा।
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