कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने बताया कब मिलेगी किसानों को आर्थिक सहायता की पहली किस्त

Updated on: 14 November, 2019 06:03 PM
कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता की पहली किश्त आगामी 31 मार्च से पहले उनके खातों में पहुंच जाएगी। किसानों को खेती के संकट से उबारने के लिए सरकार की यह ऐतिहासिक पहल है। पीएम-किसान नामक आर्थिक सहायता किसानों को प्रत्येक चार माह में दो हजार रुपये के रूप में दी जाएगी। अंतरिम बजट पेश होने के बाद कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने पत्रकारों को बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कृषि उत्पाद की गिरती कीमतों के चलते किसानों की आय कम हो गई है। फसल की बुवाई से पहले किसानों को बीज, उर्वरक, उपकरण, श्रम आदि के लिए सरकार आर्थिक सहायता मुहैया कराएगी। इससे किसान साहूकारों के कर्ज के चंगुल में नहीं फंसेंगे। दो हेक्टेयर तक खेती वाले किसानों को सालाना छह हजार रुपये आर्थिक सहायता के रूप में मदद दी जाएगी। इससे देश के 12.5 करोड़ छोटे-सीमांत किसान परिवारों को फायदा होगा। यह योजना एक दिसंबर 2018 से लागू की गई है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए पीएम-किसान योजना मद में 75 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह अतिरिक्त सहायता होगी पहले से जो राज्य सरकारें किसानों को आर्थिक सहायता दे दी हैं केंद्र सरकार की आर्थिक सहायता उसके अतिरिक्त होगी। सरकार ने 2019-20 के लिए कृषि मंत्रायल को एक लाख 41 हजार 174 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। यूपीए से ज्यादा गत वर्ष यह राशि 58,358 करोड़ रुपये थी। यूपीए सरकार के शासन काल के अपेक्षाकृत मोदी सरकार ने कृषि मंत्रालय को पांच सालों में 2,11,694 करोड़ रुपये (72.5 फीसदी) बजटीय सहायता दी है। जबकि यूपीए सरकार के दौरान पांच साल में 1,21,082 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के तहत पहली बार देसी गाय-भैंस आनुवांशिक सुधार के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे देश में दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। आयोग देसी गायों व गोवंश के कल्याण, उन्नत संरक्षण व प्रबंधन पर काम किया जाएगा। किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा पशुपालन व मत्स्यपालन के लिए उपलब्ध होगा। इसमें समय पर कर्ज अदा करने वाले किसानों को तीन लाख रुपये 4 फीसदी के ब्याज दर पर मुहैया कराया जाएगा। प्राकृतिक आपदा में किसानों एक वर्ष के लिए दो फीसदी ब्याज छूट दी जाती थी। इसे बढ़ाकर अब तीन से पांच वर्ष कर दी गई है। सात करोड़ किसानों के पास अभी भी किसान क्रेडिट कार्ड नहीं है। उनको क्रेडिट कार्ड देने के लिए सरकार अभियान चलाएगी।
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