CBI बनाम ममता: SC ने कोलकाता कमिश्नर की गिरफ्तारी पर लगाई रोक

Updated on: 18 July, 2019 08:52 AM
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार (Kolkata Police Commissioner Rajeev Kumar) पर शारदा चिटफंड घोटाला मामले (Sardha Chitfund Scam Case) से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूत नष्ट करने का आरोप लगाने वाली सीबीआई (CBI) की याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इस मामले की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने कोलकाता पुलिस ने छेड़छाड़ किए हुए कॉल डेटा रिकॉर्ड मुहैया कराए और शारदा चिटफंड घोटाला मामले में सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चिटफंड घोटाले की जांच के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित एसआईटी का नेतृत्व कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार कर रहे थे। कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने अपना नंबर बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को जांच में सहयोग करें। कोर्ट अगली सुनावई 20 फरवरी को करेंगी और अदालत के अवमानना मामले में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और कोलकाता पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि कोलकाता पुलिस प्रमुख से जांच के लिए पेश होने को कह सकते हैं और सीबीआई की अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया जाएगा। कोर्ट ने कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को सीबीआई के समक्ष स्वयं को उपलब्ध कराने और शारदा घोटाला जांच में पूरा सहयोग करने का आदेश दिया है। कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार की गिरफ्तारी समेत कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा।
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