सरकार का दावा: UP सबसे ज्यादा वेतन, भत्ते और पेंशनरी लाभ देने वाला राज्य

Updated on: 21 August, 2019 03:57 PM
यूपी सरकार (UP Government) अपने कर्मचारियों को सबसे ज्यादा वेतन (Salary), भत्ते (Allowances) और पेंशनरी लाभ (Pensionary Benefits) देने वाला राज्य है। यह दावा राज्य सरकार के प्रवक्ता ने किया है। प्रवक्ता ने यह भी दावा किया है कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में कर्मचारियों का हित पूरी तरह से सुरक्षित है। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा एनपीएस में चार फीसदी अनिवार्य अंशदान बढ़ाने को भी राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के लिए लागू करेगी। प्रवक्ता का कहना है कि प्रदेश में कर्मचारियों और पेंशनरों को सातवां वेतन पहली जनवरी 2016 से लागू है। एचआरए और सीसीए भी बढ़ाकर दोगुना किया गया है। सरकार ने कर्मचारियों को 10 साल, 16 साल और 26 साल पर क्रमशः पहली, दूसरी और तीसरी एसीपी का लाभ दिया है। जबकि केंद्र सरकार में यह सुविधा 10, 20 और 30 साल पर मिलती है। इसी तरह नई पुलिस वर्दी के लिए भत्ता आरक्षी और मुख्य आरक्षी का 2250 से बढ़ाकर तीन हजार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए 1500 से बढ़ाकर दो हजार रुपए सालाना किया है। इसी तरह साइकिल भत्ता दोगुना किया गया है। प्रवक्ता ने एनपीएस को कर्मचारियों के लाभकारी बताया है। प्रवक्ता का कहना है कि ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण, सामूहिक बीमा, चिकित्सा खर्च प्रतिपूर्ति पहले की तरह मंजूर की गई है। पुरानी पेंशन की तरह एनपीएस में पारिवारिक पेंशन की भी सुविधा है। ग्रेच्युटी भी दी जाएगी। कर्तव्य पालन के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने या विकलांग होने पर असाधारण पेंशन और विकलांगता पेंशन पहले की तरह मिलेगी। पुरानी पेंशन में आयकर एक्ट के तहत जीपीएफ सहित सभी बचतों पर डेढ़ लाख रुपये की छूट मिलती है, जबकि एनपीएस में दो लाख रुपये तक की छूट मिलेगी। एनपीएस के खातों में जमा धनराशि पर औसतन नौ फीसदी सालाना से अधिक आय मिल रही है। केंद्र सरकार व देश के लगभग सभी राज्यों में एक दशक से ज्यादा समय से एनपीएस सुचारु रूप से लागू है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की 31 जनवरी, 2019 की अधिसूचना के अनुसार पहली अप्रैल, 2019 से कई उदार प्रावधान लागू किए गए हैं। जिनमें सरकार का अनिवार्य अंशदान दस फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया गया है। कर्मचारियों को पेंशन फंडों और निवेश के स्वरूप की आजादी दी गई है। पूर्व में एनपीएस के अंशदान न करने या इसमें देरी होने पर सरकार के हिस्से के जीपीएफ ब्याज दर पर भरपाई करेगी। राज्य सरकार इन संशोधनों को लागू करने की कार्यवाही कर रही है। एनपीएस से निकाली जाने वाली पूरी धनराशि आयकर से मुक्त होगी। पीएफआरडीए की गाइड लाइंस के अनुसार नई पेंशन स्कीम के तहत पेंशन खाते में जमा धनराशि का अधिकांश निवेश सरकारी प्रतिभूतियों और बंध पत्रों में होगा। इस तरह का निवेश पूरी तरह से सुरक्षित है। कर्मचारियों के वेतन से की गई कटौती और सरकार के अंशदान के रूप में 10,520 करोड़ रुपये की धनराशि कर्मचारियों के पेंशन खाते में जमा करने का प्रस्ताव है। मात्र 71 करोड़ रुपये की धनराशि राज्य सरकार के लोक लेखा खाते में है, जिसे राज्य सरकार द्वारा ब्याज के साथ पेंशन खाते में जमा करने की कार्यवाही की जा रही है। नई पेंशन के लिए जहां तक प्रॉन खातों का सवाल है, ये अभियान चलाकर खोले जा रहे हैं।
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