यूपी: प्रदेश सरकार का तीसरा बजट आज, बेटियों को मिल सकता है बड़ा तोहफा

Updated on: 21 April, 2019 04:25 PM
प्रदेश भाजपा सरकार आज अपना तीसरा बजट विधानमंडल में पेश करेगी। साल 2019-20 के इस बजट पर बुधवार को वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने हस्ताक्षर किया। प्रदेश के इतिहास में करीब पांच लाख करोड़ रुपये का यह अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। इस बजट से सरकार प्रदेश में विकास कार्यों को रफ्तार देगी, वहीं आम जनता की जरूरतों को पूरा करने की कोशिश भी रहेगी। बजट गुरुवार सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। यह बजट 4.84 लाख करोड़ के आसपास हो सकती है। मौजूदा साल का बजट 4.28 लाख करोड़ का था। केंद्र सरकार की तरह इस बजट का फोकस बिंदु महिलाएं, कामगार, किसान और गोवंश संरक्षण हो सकता है। पर्यावरण संरक्षण पर भी नई योजनाएं लाए जाने की चर्चाएं हैं। बजट में वित्तीय अनुशासन का पूरा पालन करने की कोशिश की गई है। बेटियों की फिक्र भी दिखेगी इस बजट में महिलाओं के लिए ऐसी योजना लाने की तैयारी है जिसका लाभ सभी परिवारों को मिले। भाजपा के संकल्प पत्र में शामिल भाग्यलक्ष्मी योजना को पूरा करती हुई नई योजना लाने की चर्चाएं भी हैं। संकल्प पत्र में प्रत्येक गरीब परिवार में बेटी के जन्म पर 50 हजार रुपये का बांड देने का जिक्र है। बेटी के कक्षा छह में पहुंचने पर तीन हजार रुपये, कक्षा आठ में पहुंचने पर पांच हजार, 10 में पहुंचने पर सात हजार और कक्षा 12 में पहुंचने पर आठ हजार रुपये दिए जाने की बात कही गई है। बेटी जब 21 वर्ष की होगी उस समय उसे एकमुश्त दो लाख रुपये देने की बात कही गई थी। गोवंश संरक्षण पर फोकस रहेगा बजट के माध्यम से छुट्टा गोवंश के संरक्षण और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने की नई योजनाएं लाने की चर्चाएं हैं। किसानों की फसलों को नुकसान से बचाते हुए छुट्टा गोवंश का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता में है। नए गोशाला निर्माण की योजनाओं को इस बजट से गति देने की तैयारी है। डेयरी उद्योगों को बढ़ावा देने का इंतजाम भी बजट में दिखेगा। एक्सप्रेस-वे को रफ्तार देंगे 2019-20 के इस बजट से प्रदेश सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, डिफेंस कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को गति देगी। इसके साथ ही प्रस्तावित प्रयागराज-मेरठ एक्सप्रेस वे के लिए भी धनावंटन होगा। इन योजनाओं के साथ ही सड़कों और नये पुलों के लिए पर्याप्त धनावंटन इस बजट में रहने का अनुमान है। किसानों को तकनीकी से जोड़ने की है तैयारी केंद्र सरकार की तरह प्रदेश सरकार भी अपने इस बजट से किसानों को कुछ और सहुलियतें दे सकती है। किसानों को तकनीकी खेती से जोड़ने का इंतजाम बजट में हो सकता है। अनुदान पर किसानों को कृषि से संबंधित आधुनिक उपकरण मुहैया कराने के साथ ही उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर सरकार का फोकस हो सकता है। केंद्रीय योजनाओं को देंगे रफ्तार बजट में केंद्र सहायतित योजनाएं खासकर प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ भारत अभियान, उज्जवला, पेयजल मिशन आदि के मद में राज्य सरकार अपने हिस्से की अधिकाधिक धनराशि इस बजट से दिया जा सकता है। केंद्रीय योजनाओं के अलावा मुख्यमंत्री आवास योजना, ग्रामीण पेयजल योजनाओं तथा प्रदेश सरकार की अन्य योजनाओं के लिए भी बड़ी धनराशि का इंतजाम रहने की उम्मीद है। धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों पर भी हो सकता है फोकस प्रदेश सरकार इस बजट में भी काशी, मथुरा, अयोध्या के साथ ही धार्मिक पर्यटन स्थलों के विकास को इस बजट के माध्यम से गति दे सकती है। ब्रज के लिए नई योजनाएं हो सकती हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत प्रमुख शहरों के हवाईपट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की योजना पर भी सरकार का फोकस हो सकता है। जेवर एयरपोर्ट के लिए और धनराशि इस बजट से दिए जाने का प्रबंध है।
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