प्रियंका गांधी को लेकर ‘दक्षिण’ में भी सियासी हलचलें तेज

Updated on: 14 November, 2019 05:26 AM
प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) के सक्रिय राजनीति में आने से दक्षिणी राज्यों में भी सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। इन राज्यों ने राजनीतिक दलों का भी मानना है कि प्रियंका में दक्षिणी राज्यों में कांग्रेस को पुनर्जीवित करने की क्षमता है। यदि वह इन राज्यों में स्टार प्रचारक के रूप में सक्रिय होती हैं तो कांग्रेस को इसका फायदा जरूर मिलेगा। कर्नाटक में स्थिति बेहतर दक्षिणी राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में कांग्रेस की स्थिति कमजोर दिख रही है। केरल में भी लोकसभा चुनावों में वामपंथी दलों के हावी रहने के आसार दिख रहे हैं। कर्नाटक में कांग्रेस की स्थिति बेहतर कही जा सकती है, क्योंकि वहां पार्टी की गठबंधन सरकार है। कभी खासा प्रभाव था दक्षिणी राज्यों में कभी कांग्रेस का जमीनी स्तर पर खासा प्रभाव रहा है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यों में कांग्रेस हाल-फिलहाल तक कांग्रेस मजबूत थी। वहां पार्टी यदि मेहनत करे तो खासा फायदा हो सकता है। कांग्रेस को फायदा मिलेगा टीआरएस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद के. केशव राव कहते हैं कि प्रियंका का सक्रिय राजनीति में उतरना राजनीति की महत्वपूर्ण घटना है। इसका फायदा कांग्रेस को उत्तरी राज्यों में जरूर मिलेगा। लेकिन यदि दक्षिणी राज्यों में में भी प्रियंका बतौर प्रचारक के रूप में सक्रिय होती हैं तो कांग्रेस को अपने को फिर से जमाने का मौका मिल सकता है। राजनीति का नया चेहरा पूर्व में कांग्रेस में रह चुके केशव राव ने कहा कि प्रियंका भारतीय राजनीति का नया चेहरा हैं। लोगों में उनकी अच्छी छवि बनी हुई है। यह छवि प्रभावकारी है। इसलिए उन्हें लगता है कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना समेत तमाम दक्षिणी राज्यों में वह कांग्रेस को पुनर्जीवित करने की क्षमता रखती हैं।
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