PAK को सता रहा है सर्जिकल स्ट्राइक का डर, LOC के नजदीक POK ग्रामीणों से अलर्ट रहने को कहा

Updated on: 20 July, 2019 02:57 AM
पाकिस्तानी अधिकारियों ने पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच व्याप्त तनाव के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। 14 फरवरी को हुए इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि एक आधिकारिक परामर्श जारी किया गया है जिसमें एलओसी के पास रहने वाले लोगों से आवागमन करते समय सुरक्षित मार्गों का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है। निवासियों से किसी एक विशेष स्थान पर समूह में इकट्टा होने से बचने और बंकर बनाने के लिए भी कहा गया है पीओके में अधिकारियों द्वारा जारी परामर्श में कहा गया है कि निवासियों को रात के दौरान अनावश्यक रूप से लाइट का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और वे एलओसी मार्गों के निकट अनावश्यक यात्रा से बचें। पीओके में आतंकवादी शिविरों के खिलाफ 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किये बगैर परामर्श में कहा गया है कि भारत वही ''कार्रवाई" कर सकता है जो स्थानीय लोगों के जीवन को खतरे में डाल सकती है। ग्रामीणों को एलओसी के निकट अपने जानवरों को चराने के लिए नहीं ले जाने के लिए कहा गया है। इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच मौजूद तनाव के मद्देनजर भारत के किसी भी आक्रामण या दुस्साहस का निर्णायक और व्यापक रूप से जवाब देने का अपनी सेना को बृहस्पतिवार को अधिकार दिया। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी हमले के कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि इस कायरतापूर्ण कृत्य का बदला लेने के लिए सुरक्षा बलों को पूरी छूट दी गई है। खान ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें देश की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार अपने लोगों की रक्षा करने में सक्षम है। बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया है, ''उन्होंने भारत के किसी भी आक्रामण या दुस्साहस का निर्णायक और व्यापक रूप से जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को अधिकृत किया है।
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