कभी अभिनंदन का मतलब होता था Congratulation अब वो बदल जाएगा: पीएम मोदी

Updated on: 17 July, 2019 12:37 AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित 'कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी इंडिया 2019' कार्यक्रम में कहा कि होम लोन पर ब्याज दर पहले के मुकाबले कम हुए हैं, 5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं। उन्होंने कहा कि भारत में कंस्ट्रक्शन की अप्रोच में हमने एक और बदलाव किया है। अब चाहे सड़कें हों, रेज़िडेंशियल अपार्टमेंट्स हों या फिर कमर्शियल बिल्डिंग्स, इको फ्रेंडली, आपदा लचीलापन और ऊर्जा से भरपूर निर्माण को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल में ही कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर जीएसटी को बहुत कम किया गया है। अफॉर्डेबल हाउसिंग पर जीएसटी 8 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत किया गया है, वहीं अंडर कंस्ट्रक्शन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया। पीएम मोदी के भाषण की 9 खास बातें 1- पीएम मोदी ने कहा कि इस देश के लोगों डिक्शनरी में बदलाव करते करते है। कभी अभिनंदन का मतलब होता था कॉन्ग्रैचलैशन (congratulation) अब वो बदल जाएगा। 2- हमारी सरकार ने हाउसिंग सेक्टर की शक्ल बदलने के लिए 7 फ्लैगशिप योजनाओं पर एक साथ काम किया है। मध्यम वर्ग के लिए अपने घर के सपनों को पूरा करने के लिए हम गंभीर हैं। 3- 5 लाख रुपए तक की टैक्सेबल इनकम पर टैक्स जीरो कर दिया गया है। अब दो घरों के अनुमानित किराये पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इसी तरह कैपिटल गेंस टैक्स से छूट अब एक के बजाय दो घरों पर मिलने वाली है, ये तमाम प्रयास मध्यम वर्ग को नए घर घरीदने के लिए प्रोत्साहित करने वाले हैं। 4- देश के युवा साथियों के अपने घर का सपना पूरा करने के लिए टेक्नॉलॉजी के साथ हम दूसरी व्यवस्थाओं को भी बदल रहे हैं। टैक्स से जुड़े नियमों में बदलाव कर रहे हैं। ये इसलिए किया जा रहा है ताकि मध्यम वर्ग के पास एक तो घर खरीदने के लिए ज्यादा पैसा बचे और घर की कीमतें भी कम हों। 5- फंडिंग के साथ-साथ भारत के इतिहास में पहली बार हाउसिंग सेक्टर को, रियल एस्टेट सेक्टर को स्पष्ट कानूनों का सहारा मिल सके, इसके लिए भी काम किया गया है। रेयरा से इस सेक्टर में पारदर्शिता आई है और ग्राहकों का भरोसा मजबूत हुआ है। 6- हमारी सरकार ने सबसे ज्यादा जोर किफायती घरों पर दिया है, रियर एस्टेट सेक्टर से जुड़े कानूनों को ठीक किया है, हमने स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान दिया है और इसके साथ ही हमने हाउसिंग सेक्टर में तकनीक के इस्तेमाल में भी काम किया है। 7- आशा इंडिया यानी सस्ते स्थायी आवास इस तरह के इनोवेशन्स को बाजार के हिसाब से ढ़ालने में लगा है। आशा GHTC-India का हिस्सा है। इसमें आईआईटी में काम कर रहे चार इन्क्यूबेशन सेंटर पर युवा उद्यमियों के आइडिया को बाजार के हिसाब से उपयोगी बनाने पर काम चल रहा है। 8-जीएसटी ने भी रियल एस्टेट के कारोबार को ग्राहकों और खरीददारों दोनों के लिए आसान किया है। हाल में कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर जीएसटी को कम किया गया है। किफायती घरों पर जीएसटी 8 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत किया गया है। 9-लोगों के अपने घर का सपना पूरा करने के लिए हम टेक्नोलॉजी के साथ-साथ दूसरी व्यवस्थाओं को भी बदल रहे हैं। टैक्स से जुड़े नियमों में बदलाव कर रहे हैं। ये इसलिए किया जा रहा है, जिससे मध्यम वर्ग के पास घर खरीदने के लिए ज्यादा पैसा बचे और घर की कीमतें भी कम हों।
View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया