लोकसभा चुनाव 2019: यूपी में त्रिकोणीय मुकाबला- कांग्रेस, भाजपा और सपा-बसपा गठबंधन के संघर्ष की सजने लगी बिसात

Updated on: 16 October, 2019 11:06 AM
लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजने के साथ ही सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर ली है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी जहां अपने पुराने सहयोगी दलों के साथ एक बार फिर चुनावी किला फतह करने की रणनीति के साथ मैदान में है, वहीं उपचुनाव में गोरखपुर, फूलपुर और कैराना लोकसभा सीट जीत कर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी राष्ट्रीय लोकदल के साथ आम चुनाव में नतीजे दोहराने की तैयारी कर रहे हैं। गठबंधन से बाहर रहने के बावजूद कांग्रेस प्रियंका गांधी के करिश्मे के साथ बाजी मारने की तैयारी में है। बूथ को केंद्र मानकर फतह की जुगत में बीजेपी नए साल के पहले ही दिन से चुनाव तैयारियों में जुटी भारतीय जनता पार्टी हर बूथ पर पूरा जोर लगाए हुए है। पार्टी ने अपनी पूरी तैयारी बूथ को केन्द्र मानकर शुरू की और अपना हर कार्यक्रम बूथ को मजबूत करने से लेकर अपना मत प्रतिशत बढ़ाने तक पर के्द्रिरत रखा है। प्रदेश में 74 प्लस सीटें हासिल करने का लक्ष्य रखकर भाजपा काम करती रही है। जनवरी से लेकर अब तक पार्टी ने तीन दर्जन से अधिक जनसम्पर्क अभियान वृहद रूप में चलाया। जातीय सम्मेलन हो या फिर बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने का लक्ष्य, भाजपा ने इन कार्यक्रमों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। यही कारण है कि भाजपा ऐसी पहली पार्टी है जिसकी डेढ़ लाख से अधिक सत्यापित बूथ इकाइयां बन चुकी हैं। पार्टी ने पिछड़ा वर्ग के तहत आने वाली जातियों का अलग-अलग सम्मेलन कर जातियों को साधने की कोशिश की तो अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, प्रबुद्ध वर्ग आदि का अलग-अलग सम्मेलनों का आयोजन किया। इसके अलावा मेरा परिवार भाजपा परिवार, मेरा बूथ सबसे मजबूत, कमल संदेश बाइक रैली, भारत के मन की बात, नमो विद नेशन, पार्टी की हर विधानसभा क्षेत्र में महिला मोर्चे की कमल शक्ति सम्मेलन, भाजयुमो की युवा संसद, टाउन हॉल कार्यक्रम, यूथ फेस्टिवल जैसे कार्यक्रम भी पार्टी की चुनावी तैयारियों का हिस्सा थी। हर लोकसभा क्षेत्र में आज से सम्मेलन भाजपा 11 मार्च से प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में पांच सम्मेलन करने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डे बताते हैं कि हमने काफी पहले से आम चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी। हमारा लक्ष्य हर बूथ पर मजबूती के साथ अधिक से अधिक मत हासिल करने का है। पार्टी के मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित कहते हैं कि हम प्रदेश में 74 प्लस के संकल्प के साथ चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं। इसके लिए हमने 51 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल करने की तैयारी की है। कांग्रेस की सभी सीटों पर अकेले लड़ने की तैयारी प्रदेश में संजीवनी की बाट जोह रही कांग्रेस फिलहाल लोकसभा चुनाव की तैयारी की दृष्टि से इस मायने में आगे है कि पार्टी 11 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। फिलहाल पार्टी की प्रदेश की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी है। प्रियंका-ज्योतिरादित्य को कमान कमजोर संगठन, लगभग कार्यकर्ताविहीन हो चुकी, बड़ों की खेमेबंदी में उलझी पार्टी को इन तमाम कमियों से उबारने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बहन प्रियंका गांधी और मध्य प्रदेश की जीत में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश की कमान सौंपी है। पार्टी को दो भागों में बांट कर पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रियंका और पश्चिमी यूपी की सिंधिया को जिम्मेदारी दी गई है। रोड शो और उसके बाद तीन दिन लगातार मैराथन बैठक कर प्रियंका लोकसभा क्षेत्रवार कार्यकर्ताओं से मिल कर उनमें जोश भर चुकी है। पार्टी में उनके सक्रिय राजनीति में आने के बाद से भारी उत्साह है। फीडबैक लिया खुद प्रियंका-सिंधिया लोकसभा की हर सीट पर उम्मीदवारों का फीडबैक ले चुके हैं। दावेदारों की जीत की संभावना का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद ही पार्टी कोई फैसला लेगी। अमेठी-रायबरेली ही जीते थे: 2014 के चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। रायबरेली और अमेठी सीट पर ही जीत हासिल हुई थी। 11 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार घोषित अमेठी से राहुल गांधी, रायबरेली से सोनिया गांधी, फरूखाबाद से सलमान खुर्शीद, अकबरपुर से राजाराम पाल, धौरहरा से जीतिन प्रसाद, उन्नाव से अन्नू टण्डन, कुशीनगर से आर.पी.एन. सिंह, बदायूं से सलीम इकबाल शेरवानी, सहारनपुर से इमरान मसूद, जालौन से बृजलाल खाबरी और फैजाबाद से निर्मल खत्री। कमेटियां गठित: कांग्रेस की चुनाव कमेटी समेत आधा दर्जन से अधिक कमेटियां गठित हो चुकी हैं। मीडिया एण्ड पब्लिसिटी कमेटी सबने युद्धस्तर पर काम प्रारम्भ कर दिया है
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