लोक सभा इलेक्शन : बिहार में महागठबंधन, दिल्ली में फंसा पेच

Updated on: 21 November, 2019 04:54 AM
कई दिनों तक चली मशक्कत के बाद आखिरकार बिहार में महागठबंधन पर बात बन गई। कांग्रेस और राजद के बीच सीट बंटवारे पर फैसला हो गया है। हालांकि दिल्ली में कांग्रेस और ‘आप' के गठजोड़ पर संशय बरकरार है। एनसीपी नेता शरद पवार की कोशिशों के बावजूद अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है।. आज ऐलान संभव: बिहार में कांग्रेस 11 से कम सीट पर लड़ने को तैयार नहीं थी, वहीं राजद कांग्रेस को आठ से ज्यादा सीट नहीं देना चाहती थी। मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने प्रदेश कांग्रेस नेताओं के साथ लंबी बैठक की। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है। बुधवार को राजद नेता तेजस्वी यादव पटना में गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं। . घटक दलों के साथ बैठक: सहमति बनी है कि सहयोगी दलों को दोनों दल समायोजित करेंगे। इससे साफ है कि कांग्रेस और राजद एक-दो सीट छोड़ सकते हैं। सहमति बनने के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने दिल्ली में घटकदलों के नेताओं के साथ बैठक की है। राजद के एक नेता ने कहा कि तेजस्वी यादव बुधवार सुबह पटना के लिए रवाना हो सकते हैं। ‘आप'-कांग्रेस गठबंधन में गतिरोध बरकरार: दिल्ली में ‘आप' और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर गतिरोध बरकरार है। मंगलवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्षों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने ‘आप' के साथ गठबंधन को भविष्य के लिए नुकसानदायक बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा। . पवार से मिले संजय सिंह: थोड़ी देर बाद पता चला कि एनसीपी नेता शरद पवार भी गतिरोध दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। ‘आप' नेता संजय सिंह ने उनसे मुलाकात भी की किंतु क्या बात हुई, उन्होंने इसकी जानकारी नहीं दी। हालांकि संजय सिंह ने ‘आप' - कांग्रेस गठबंधन को देशहित के लिए जरूरी बताया। उधर,कांग्रेस ने इस बारे में पवार से पार्टी के किसी नेता की मुलाकात से इनकार किया। इन बयानों से गठबंधन की संभावनाएं बनती दिख रही थीं कि तभी ‘आप' की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय ने गठबंधन की संभावना से दो टूक इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ढुलमुल रवैये से गठबंधन के लिए अब बहुत देर हो गयी है। सभी बिदुओं पर विचार करने के बाद हमने सातों सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। संभावना: बंगाल में वाम मोर्चा ने कहा, गुंजाइश बाकी पश्चिम बंगाल में कांग्रेस-वाम मोर्चा गठबंधन की संभावनाएं खत्म होती जा रही हैं। वाम मोर्चा अब तक यहां 38 सीटों पर प्रत्याशी उतार चुका है। हालांकि, मंगलवार को माकपा ने कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखते हुए कहा कि उसने शेष उन चार सीटों के लिए नामों का ऐलान नहीं किया है, जहां पर कांग्रेस ने 2014 में जीत हासिल की थी। वाम नेता बिमान बोस ने कहा कि गठबंधन के लिए कल शाम तक कांग्रेस की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब आया तो 38 उम्मीदवारों की सूची में फेरबदल भी हो सकता है।
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