पाकिस्तान में एक और नाबालिग हिंदू लड़की अगवा, जबरन धर्मांतरण

Updated on: 10 December, 2019 11:45 AM
पाकिस्तान में दो हिंदू किशोरियों के अपहरण और जबरन धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर मचे घमासान के बीच वहां एक और हिंदू लड़की के अपहरण और जबरस्ती धर्म परिवर्तन की खबरें आई हैं। पाक मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सिंध प्रांत के मीरपुरखास की रहने वाली हिंदू लड़की शानिया का अपहरण कर लिया गया है और उसका जबरन धर्मांतरण कराया गया है। यह लड़की भी नाबालिग बताई गई है। इससे पहले भारत ने रविवार को सख्त रुख दिखाते हुए पाकिस्तान के साथ उसके सिंध प्रांत में दो हिंदू किशोरियों के अपहरण और जबरन इस्लाम कबूल कराने का मुद्दा उठाया था। इस मसले को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी के बीच ट्विटर पर जुबानी जंग भी हुई। सुरक्षा व कल्याण की चिंता आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को एक ‘नोट वर्बल’ जारी कर इस मुद्दे पर अपनी चिंताएं साझा कीं। भारत ने पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों की सुरक्षा और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए समुचित उपचारात्मक कार्रवाई का आह्वान किया। नोट वर्बल एक राजनयिक संचार होता है जो किसी ज्ञापन से अधिक औपचारिक, लेकिन एक नोट के मुकाबले कम औपचारिक होता है। यह हस्ताक्षरित नहीं होता। सुषमा स्वराज ने मांगी रिपोर्ट इस बीच, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस घटना के संबंध में मीडिया रिपोर्ट संलग्न करते हुए ट्वीट किया कि उन्होंने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया से इस मामले पर रिपोर्ट भेजने को कहा है। सुषमा के ट्वीट पर पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा, मैम, यह पाकिस्तान का आंतरिक मुद्दा है और हमें अपने अल्पसंख्यक भी समान रूप से प्यारे हैं। पाक सूचना मंत्री झल्लाए पाक सूचना मंत्री ने कहा, यह इमरान खान का नया पाकिस्तान है जहां हमारे झंडे का सफेद रंग हम सबको समान रूप से प्यारा है। झंडे के सफेद रंग से चौधरी का आशय पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों से था। चौधरी की प्रतिक्रिया पर सुषमा ने कहा, मैंने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त से सिर्फ एक रिपोर्ट मांगी है। आपकी घबराहट के लिए यह पर्याप्त है। यह सिर्फ यही दिखाता है कि आप अपराधबोध से ग्रसित हैं। घटना के खिलाफ प्रदर्शन दोनों किशोरियों के अपहरण की घटना ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को गुस्से से भर दिया है। उन्होंने व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री को देश के अल्पसंख्यकों से किए गए वादे की याद दिलाई। बीते साल इमरान ने चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि कि उनकी पार्टी पीटीआई देश के विभिन्न धार्मिक समूहों की हिफाजत के लिए काम करेगी और हिंदू लड़कियों की जबरन शादी पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी। सोशल मीडिया पर भी विरोध सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस घटना का विरोध किया। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता जिब्रान नासिर ने घटना का एक वीडियो साझा किया और कहा कि ये दोनों लड़कियां नाबालिग हैं। उन्होंने 20 मार्च को दर्ज कराई गई प्राथमिकी की एक प्रति भी साझा की जिसमें कथित जबरन धर्मांतरण और विवाह के लिए अपहरण की शिकायत है। नासिर ने कहा, सिंध बाल विवाह रोधी कानून के तहत 18 साल से कम उम्र का व्यक्ति बच्चा है और उसका विवाह नहीं किया जा सकता। आरोपियों का किशोरियों के पिता से था विवाद स्थानीय हिंदू समुदाय के नेताओं ने कहा है कि किशोरियों को अगवा करने वाले इलाके के कोहबार और मलिक जनजातियों के थे। मामले में किशोरियों के भाई शामन दास ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसके मुताबिक, आरोपियों का कुछ समय पहले किशोरियों के पिता हरिदास मेघवार से विवाद हुआ था। शामन के अनुसार, होली की पूर्व संध्या पर हथियारों से लैस छह लोग उनके घर पहुंचे और परिवार के लोगों को बंधक बनाकर उनकी दोनों बहनों को अगवा कर लिया। धर्मांतरण विरोधी विधेयक की मांग दो हिंदू किशोरियों के जबरन धर्मांतरण को लेकर उठे विवाद के बीच पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के प्रमुख और पीटीआई सांसद रमेश कुमार वंकवानी ने जबरन धर्मांतरण विरोधी विधेयक को सिंध विधानसभा में दोबारा लाने और पारित कराने की मांग की है। यह विधेयक 2016 में सिंध विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया था। लेकिन कट्टरपंथियों के दबाव में इसे पलट दिया गया। पीएमएल-एफ के नेता नंद कुमार गोकलानी ने भी कहा कि सरकार को जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून तत्काल पारित करना चाहिए। पाक में हिंदुओं का हाल -75 लाख हिंदू हैं पाकिस्तान में आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक -हिंदू पाकिस्तान में सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है -90 लाख हिंदुओं के पाकिस्तान में होने का दावा है इस समुदाय का -पाकिस्तान के अधिकतर हिंदू सिंध प्रांत में रहते हैं हर महीने जबरन धर्मांतरण के 25 मामले पाक मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान में सिंध प्रांत के उमरकोट जिले में जबरन धर्म परिवर्तन के लगभग 25 मामले हर महीने सामने आते हैं। यह क्षेत्र काफी पिछड़ा है और यहां के अधिकतर अल्पसंख्यक हिंदू अनुसूचित जाति के हैं। ज्यादातर मामलों की शिकायतें पुलिस में दर्ज नहीं हो पातीं। मलाला से आवाज उठाने की अपील एक पत्रकार ने रविवार को पाकिस्तान की नोबेल पुरस्कार विजेता सामाजिक कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई से उनके देश में दो हिंदू किशोरियों के अपहरण, जबरन धर्मांतरण और विवाह के मामले को लेकर आवाज उठाने का अनुरोध किया। पत्रकार ने ट्वीट किया, प्रिय मलाला, जब आप अपने व्यस्त दिनचर्या से थोड़ा मुक्त हों तब कृपया रवीना और रीना जैसी लड़कियों के लिए आवाज उठाएं, जो जबरन धर्मांतरित होती हैं और बलात्कार की प्रतीक्षा कर रहे पुरुषों से शादी करती हैं। उनके पिता का असहाय रोदन सुनें और पाकिस्तान सेना पर सवाल उठाने की हिम्मत करें।
View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया