VVPAT पर्चियों के मिलान मामले में 8 अप्रैल तक जवाब दें विपक्षी दल- सक

Updated on: 17 July, 2019 12:39 AM
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए 11 अप्रैल को होने वाली पहले चरण की वोटिंग के लिए काउंटडाउन शुरू हो चुका है। बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गज नेता पहले चरण की 91 सीटों पर ज्यादा फोकस कर लिया है। बीजेपी, कांग्रेस समेत तमाम पार्टियां ताबड़तोड़ रैलियों में जुट गई हैं। पीएम मोदी आज महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तीन रैलियों को संबोधित करेंगे। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की ओडिशा में दो रैली है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी आज तेलंगाना में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। राहुल जहीराबाद, वानापर्थी और हुजूरनगर में तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इस बीच समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव आज मैनपुरी से नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। मैनपुरी में मिला निष्क्रिय ग्रेनेड मैनपुरी के एसपी अजय शंकर राय ने कहा - मैनपुर में धन्नाहर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले क्षेत्र में एक निष्क्रिया ग्रेनेड मिला है। कुछ बच्चों ने इसे तालाब से निकालकर सड़क पर लाकर रख दिया था। जांच जारी है। विपक्ष के 21 नेताओं को एक सप्ताह का समय विपक्षा दलों द्वारा काउंटिंग में कम से कम 50 फीसदी VVPAT पर्चियों के ईवीएम से मिलान की मांग वाली याचिका के मामले में निर्वाचन आयोग के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए विपक्ष के 21 नेताओं को एक सप्ताह का समय दिया। 8 अप्रैल तक दाखिल करना होगा जवाब। इससे पहले 25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम और वीवीपीएटी मामले को लेकर चुनाव आयोग से पूछा था कि अगर अगर कोर्ट इसे बढ़ाने का आदेश देता है तो आयोग को उसमें क्या दिक्कत है। विपक्षी दलों ने ईवीएम मशीनों से वीवीपीएटी मिलान का प्रतिशत बढ़ाकर 50 फ़ीसद करने की मांग की है। इससे पहले आयोग ने मांग का विरोध करते हुए कहा कि इसे बढ़ाने की ज़रूरत नहीं है। अभी प्रति विधानसभा दर से वीवीपैट मिलान होता है और उसमें कभी अंतर नहीं पाया गया। आयोग ने कहा कि वह स्वयं प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के लिए समय समय पर क़दम उठाता रहता है। AAP विधायक अलका लांबा ने ट्वीट कर कहा- आप 2 से अधिक देना नही चाहती, कांग्रेस 3 से कम पर कोई समझौता करने के लिये तैयार नही। BJP बेचारी इंतज़ार में सूखे जा रही है, चाह कर भी उम्मीदवार घोषित नही कर पा रही।
View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया