राष्ट्रवाद की काट के लिए सपा ने निकाला अगड़ा-पिछड़ा हथियार

Updated on: 27 June, 2019 08:40 AM
भाजपा का प्रखर राष्ट्रवाद, कांग्रेस का गरीबों के खाते में साल का 72 हजार की सौगात का वायदा, और सपा का अमीरों पर टैक्स लगाने का ऐलान। यूपी में अब जब चुनावी जंग तीखी होती जा रही है, ऐसे में वोटरों को लुभाने की हर मुमिकन कोशिश भी सियासी दलों की ओर से तेज हो गई है। सपा-बसपा रालोद गठबंधन में सपा के जारी विजन डाक्यूमेंट से उसकी सियासी मंशा साफ दिखती है। समाजवादी पार्टी अब पूरी लड़ाई अमीर बनाम गरीब की ओर मोड़ देना चाहती है। अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाने के वायदे से साफ है कि इसकी जद में आने वाले 95 प्रतिशत सवर्ण ही होंगे। कोशिश है कि एक तरह से चुनाव में मामला अगड़ा बनाम पिछड़ा वर्ग हो जाए। इसकी वजह अतीत के अनुभव हैं। पुलवामा व एयरस्ट्राइक के बाद उठी देशभक्ति की लहर की को भाजपा किसी तरह कम नहीं करना चाहती है। राष्ट्रवाद के अलावा हिंदुत्व का सवाल भी भाजपा नेता शिद्दत से गर्माए हुए हैं। विकास व सुशासन जैसे तीर भी उनके तरकश में हैं। सपा या यूं कहें कि गठबंधन के सभी घटकों को भय है कि कहीं यह चुनाव भाजपा के एजेंडे पर सेट हो गया और खासी मुश्किल होगी। ऐसे में दलित, मुस्लिम व पिछड़ा की एकजुटता को तभी मजबूती मिलेगी जब सवर्ण बनाम बाकी की लड़ाई हो। इसीलिए कहा गया है कि हम देश के 50 फीसद लोगों को प्रोत्साहित करेंगे जो देश के महज 0.1 प्रतिशत लोगों से पीछे छूट गए हैं। डाक्यमेंट इस बात की ताईद करता है। अहीर रजिमेंट बनाने की बात भी यूं ही नहीं कही गई है। इसका मकसद भी अपने वोट बैंक को देशभकि्त से जोड़ने का है। वैसे किसानों का पूरा कर्जा माफ करने की बात भी सपा ने कही है। सपा के तरकश में भी विकास व इंफ्रास्ट्रक्चर के ढेरों काम वाले तीर हैं। पर, यह मुद्दे पिछले लोकसभा व विधानसभा चुनाव में भाजपा की आंधी में निशाने में नहीं लगे। गठबंधन में बसपा घोषणा पत्र के बजाए केवल अपील जारी करती है। ऐसे में सपा ने अपने विजन डाक्यूमेंट जारी कर बड़ी लाइन पकड़ी है। दलितों को लुभाने की बात लेकिन मुस्लिमों पर चुप्पी सपा ने मोदी सरकार के स्वच्छ भारत मिशन को निशाने पर ले लिया है। कहा कि अमीर और उच्च जाति के लोगों के लिए स्वच्छ भारत का निर्माण दलित और नीची जाति के लोगों को निशाना बना कर नहीं किया जा सकता। इस स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों की सफाई का काम अभी भी स्वयं सफाई कर्मियों द्वारा अपने हाथों से किया जाता है। यह भारत के लिए कलंक है। सपा अपने पहले के घोषणा पत्र में मुस्लिमों के लिए अलग से वायदे करती थी। इस बार इससे परहेज किया गया है। इसकी वजह भी है। वोटों का ध्रुवीकरण हिंदु मुस्लिम के रूप में हो। यह ध्रुवीकरण अगर अमीर व गरीब या सवर्ण बनाम अन्य के बीच हो जाए तो सपा या पूरे गठबंधन के लिए बेहतर उम्मीद जगाने वाली स्थिति होगी।
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