वे दिन : किस्सा 1991 का, जब बीजेपी प्रत्याशी के प्रचार को सड़क पर उतरे अटलजी

Updated on: 17 October, 2019 02:12 PM
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का बनारस से खास रिश्ता था। वह कई बार इस शहर में राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल होने आते थे। एक ऐसा वाकया भी है जब लोकसभा चुनाव में वह बीजेपी प्रत्याशी के लिए बनारस की सड़क-गलियों में भी घूमे। साल 1991 में बीजेपी प्रत्याशी श्रीशचंद्र दीक्षित के प्रचार के लिए अटलजी तीन दिन बनारस में रहे। उनकी मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में खूब जोश भरा, जिसका परिणाम भी सामने आया और पहली बार वाराणसी से बीजेपी का खाता खुला। अटलजी सभाएं करते थे, बनारसी अंदाज में जनता और कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए उनके साथ घुलमिल जाते थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी की विचारधारा को लेकर बैठक भी की। बनारस के अलावा भदोही और चंदौली (उस वक्त वाराणसी जिले का ही हिस्सा) में भी उन्होंने प्रचार किया और वहां के बीजेपी प्रत्याशी के लिए वोट मांगे। टाउनहॉल में अटल जी ने एक रैली भी की थी, जिसने चुनावी माहौल ही बदल दिया था। उस समय के दोषीपुरा निवासी जब्बार अहमद के साथ उन्होंने कुछ इलाकों में जनसंपर्क किया था। जब्बार अहमद को बनारस में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में याद किया जाता है।
View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया