बंगाल में फेनी तूफान हुआ कमजोर, AIIMS पीजी की परीक्षा रद्द

Updated on: 14 November, 2019 05:26 AM
भीषण चक्रवाती तूफान फेनी शनिवार सुबह पश्चिम बंगाल में दस्तक दे चुका है। मौसम विभाग ने बताया है कि चक्रवाती तूफान फेनी कमजोर हो गया और कोलकाता में चार मई को 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आया। तूफान के कमजोर होने के चलते वह दोपहर तक बांग्लादेश जाएगा। वहीं इससे पहले बंगाल की खाड़ी के ऊपर मंडरा रहे चक्रवातीय तूफान फेनी के प्रकोप को देखते हुए बांग्लादेश ने शुक्रवार को दक्षिणपश्चिम जिलों में रह रहे पांच लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया था। वहीं केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चक्रवाती तूफान 'फोनी के कारण भुवनेश्वर में एम्स पीजी 2019 परीक्षा को रद्द किये जाने की शुक्रवार को घोषणा की। केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदान ने ट्वीट किया, ''एम्स पीजी परीक्षा पांच मई को निर्धारित है। चक्रवात फोनी के कारण एम्स दिल्ली भुवनेश्वर में परीक्षा केंद्र रद्द कर रहा है। भुवनेश्वर में परीक्षा रद्द होने से प्रभावित छात्रों के लिए स्थिति सामान्य होने पर जल्द ही एक और परीक्षा आयोजित की जायेगी। सूत्रों के अनुसार चक्रवाती तूफान के कारण एम्स भुवनेश्वर में एक इमारत की छत का एक हिस्सा टूट गया लेकिन सभी छात्र, स्टॉफ और मरीज सुरक्षित बताये गये है। चक्रवात के कारण अमित शाह की झारखंड की रैलियां रद्द झारखंड में शुक्रवार को आयोजित भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की तीन चुनाव रैलियां रद्द कर दी गई हैं। अमित शाह की जिन स्थानों पर रैलियां होने वाली थीं, वहां 6 मई को पांचवें चरण में मतदान होना है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की शुक्रवार को राज्य में कोडरमा, खूंटी और रांची में होने वाली तीनों चुनावी सभाएं खराब मौसम की आशंका में रद्द कर दी गईं। जिन सभाओं को अमित शाह संबोधित करने वाले थे, उन्हें अब मुख्यमंत्री रघुवर दास, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और लोकसभा चुनावों के लिए झारखंड के प्रभारी मंगल पांडेय तथा आज्सू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश महतो संबोधित करेंगे। ओडिशा और पश्चिम बंगाल में फेनी तूफान आने के चलते झारखंड के सीमावर्ती जिले पूर्वी सिंहभूम, साहिबगंज और दुमका में अलर्ट जारी किया गया है और पूरे राज्य में लगभग सभी जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। उत्तरी पूर्वांचल में बिगड़े मौसम ने पांच जिंदगियां निगलीं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के शोहरतगढ़ थाने पर सात माह से तैनात हेडकांस्टेबल नगीना राय (51) दोपहर में गोरखपुर जाने के लिए शोहरतगढ़ स्टेशन के प्लेटफार्म पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे तभी आंधी आ गई और इस दौरान किनारे खड़ा सूखा पेड़ उन पर गिर गया। मोहाना क्षेत्र के डफालीपुर गांव में शुक्रवार की सुबह 30 वर्षीय शांति की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। शांति मूल रूप से नेपाल के कपिलवस्तु जिले के बरही बरहा गांव की रहने वाली थी। उसका पति रूपेश मुंबई में काम करता है। कुशीनगर के पडरौना में सिंगापट्टी निवासी हीरा और जटहा बाजार क्षेत्र के कटाई भरपुरवा के गुरजहवा टोला की गर्भवती महिला घुरली की सुबह बिजली गिरने से मौत हो गई। महराजगंज के जमुई की घुरली मायके आई थी। उसका छोटा भाई संजय भी झुलस गया। इसके अलावा तीन लोग और बिजली की चपेट में आकर झुलस गए। बस्ती में सोनहा थाना क्षेत्र के डिड़ईमाफी गांव निवासी 40 वर्षीय पतिराम की तालाब में मछली मारते समय बिजली की चपेट में आकर मौत हो गई। महराजगंज के निचलौल क्षेत्र में गन्ना लदाई करने आए नेपाल के नवलपरासी निवासी तीन लोग झुलस गए। इसके अलावा क्षेत्र के कुंवारीसती के पकड़िहवा टोले में यज्ञ में जेनरेटर चलाने आए दो लोग भी बिजली की चपेट में आकर झुलस गए। तूफान के चलते सात ट्रेनें निरस्त फेनी तूफान के मद्देनजर उत्तर मध्य रेलवे ने परिचालन अनुभाग को एडवाइजरी जारी का गया कि रास्ते में कहीं पर हवा के झोकों का अहसास हो तो तत्काल ट्रेन खड़ी कर दें। वहीं राजधानी सहित दिल्ली से उड़ीसा, पुरी, भुवनेश्वर को जाने वाली सात ट्रेनें शुक्रवार को निरस्त की गईं। रेलवे ने प्रशासनिक अफसरों को भी सतर्क किया है कि छोटे स्टेशनों पर यदि टिन शेड कमजोर है, तो तत्काल उन्हें चेक करवाने के साथ ही यदि जर्जर है तो उनका मेंटीनेंस भी कराएं। बिहार में तेज हवा के साथ बारिश, पांच विमान और सात ट्रेनें रद्द चक्रवात फेनी का असर शुक्रवार को बिहार में भी देखा गया। राजधानी सहित सूबे के विभिन्न हिस्सों में तेज हवा के साथ बारिश से जनजीवन पर भारी असर डाला। पटना से जुड़े कोलकाता और मुंबई के बीच पांच विमान रद्द रहे इंडिगो, गोएयर और स्पाइस जेट की कोलकाता से जुड़े इन विमानों को खराब मौसम की वजह से एहतियातन रद्द कर दिया गया, जबकि पटना से चलने वाली ट्रेन पटना एर्नाकुलम एक्सप्रेस रद्द रही। वहीं पटना से जाने वाली एक और ईसीआर से गुजरने वाली छह ट्रेनें भी रद्द की गईं। तूफान की वजह से पटना सहित कई जिलों में 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चली और दोपहर बाद बारिश भी हुई। पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, सारण, बक्सर, भोजपुर, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, समस्तीपुर, दरभंगा, बेतिया समेत कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। राजगीर, पटना, बिहारशरीफ और जहानाबाद में झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, गलगलिया में सबसे अधिक 144 मिमी बारिश दर्ज की गई है। ठाकुरगंज में 38.4 मिमी, तैयबपुर में 31.2, किशनगंज और बगहा में 12 मिमी, वाल्मीकिनगर में 10.2 मिमी, पश्चिमी चंपारण और डेहरी में चार मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। झारखंड: आंधी-बारिश से ब्रेक डाउन, बिजली आपूर्ति बाधित चक्रवाती तूफान फेनी का असर झारखंड की राजधानी रांची सहित राज्य के कई इलाकों में शुक्रवार शाम से देखने को मिलने लगा। गिरिडीह स्थित जमुआ में 33केवी लाइन से बिजली का प्रवाह रोकना पड़ा। देवघर शहरी क्षेत्र में आपूर्ति सामान्य रही। मोहनपुर, मवाडीह और रोहिनी में ब्रेक डाउन के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई। हजारीबाग में तेज हवा चलने से आपूर्ति प्रभावित रही। रिमझिम फुहारों से रांची का मौसम सुहावना हो गया। इस कारण पिछले 24 घंटे में बिजली की मांग 2000 से घटकर 1300 मेगावाट रह गई। करीब 700 मेगावाट की कमी दर्ज की गई। सरकारी स्तर पर राज्य में केवल तेनुघाट की दो यूनिटों से करीब 364 मेगावाट बिजली पैदा की जाती है। शेष बिजली जेबीवीएनएल राष्ट्रीय ग्रिड और इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से प्रबंध करता है। मांग घटने और बढ़ने पर यथास्थिति प्रबंध करना होता है। फेनी के कारण बिजली की मांग में 700 मेगावाट की एकाएक कमी आने पर जेबीवीएनएल ने इंडियन एनर्जी एक्सचेंज के माध्यम से दूसरे राज्यों को बिजली बेच दी। उत्तराखंड में अगले दो दिन 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं उत्तराखंड में अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से परेशानी भरे हो सकते हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश में कई जगह ओले गिरने और तेज आंधी चलने की आशंका जताई है। आंधी की गति 50-60 किमी प्रतिघंटे तक पहुंच सकती है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। मई की शुरुआत से ही मौसम ने अपने तेवर बदले हुए हैं। दो दिनों से रात के समय लगातार आंधी-तूफान के साथ हल्की बूंदाबांदी जारी है। बीती गुरुवार रात को भी मौसम ने करवट बदली और दो से तीन घंटे लगातार तेज रफ्तार अधंड़ जारी रहा। वहीं राजधानी देहरादून समेत पहाड़ी इलाकों में भी मौसम के इस बदलाव से ठंडक महसूस की गई। शुक्रवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। इससे शहरवासियों ने राहत की सांस ली। पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ.आरके सिंह ने बताया कि लगातार आंधी-तूफान की वजह पश्चिमी विक्षोभ है। मई पहले सप्ताह के बाद फिर से तापमान में इजाफा होगा। इस दौरान पारा 40 डिग्री के पार जाने के आसार हैं, जबकि विभाग ने अगले दो दिन मैदानी इलाकों में 50-60 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी और पर्वतीय ईलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। तूफान से स्ट्रांगरूम की सुरक्षा के लिए चुनाव आयोग ने उठाये सभी जरूरी कदम चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि ओडिशा से चक्रवाती तूफान फोनी पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रहा है और ऐसे में चुनाव आयोग ने स्ट्रांगरूमों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाये हैं जहां ईवीएम और वीवीपैट रखे गये हैं। अधिकारी ने कहा कि राज्य में पांचवें चरण के तहत सोमवार को सात लोकसभा क्षेत्रों में मतदान के लिए ये ईवीएम और वीवीपैट मशीन रखी गयी हैं। राज्य के निर्वाचन अधिकारियों ने जिला मजिस्ट्रेटों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग की तथा दिनभर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फोन पर बातचीत करते हुए एहतियातन कदम निर्धारित किये जो ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। सात सीटों पर छह मई को मतदान होना है। उत्तर और दक्षिण कोलकाता सीटों के लिए मतदान अंतिम चरण में 19 मई को होना है लेकिन अधिकारी के अनुसार इन जगहों पर भी मशीनों की सुरक्षा में कोई कमी नहीं रहने दी जा रही।
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