चीट डिवाइस मामला : सुप्रीम कोर्ट ने कहा- फॉक्सवैगन के खिलाफ नहीं हो दंडात्मक कार्रवाई

Updated on: 22 May, 2019 06:53 AM

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि जर्मनी की ऑटोमोबाइल कंपनी फॉक्सवैगन के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा 500 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के मामले में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। इस कंपनी पर आरोप है कि उसने भारत में बिकने वाली अपनी डीजल कारों में उत्सर्जन छिपाने वाले चीट डिवाइस (धोखाधड़ी करने वाले उपकरण) का इस्तेमाल कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है।

न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, जस्टिस एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली बैंच ने एक प्रकार से इस बहुदेशीय ऑटोमोबाइल कंपनी के विरूद्ध किसी तरह के जुर्माने पर फिलहाल रोक लगा दी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 07 मार्च को फॉक्सवैगन पर 500 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाकर उसे दो महीने के भीतर यह धनराशि जमा कराने का निर्देश दिया था।

एनजीटी ने 16 नवंबर 2018 को दिए निर्णय में कहा था कि फॉक्सवैगन ने भारत में डीजल वाहनों में चीट डिवाइस के माध्यम से पर्यावरण क्षति में योगदान दिया और उसे निर्देश दिया था कि वह 100 करोड़ रूपये की अंतरिम धनराशि केंद्रीय प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड में जमा करे।

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