अमेरिका से तनाव के बीच ईरान ने नाव से अपने मिसाइलों की जगह बदली

Updated on: 22 May, 2019 06:58 AM

पश्चिम एशिया में अमेरिका के एक युद्धक विमान और वायु सेना के बमवर्षकों का एक समूह भेजे जाने का फैसला ईरान द्वारा कम दूरी की मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल को नाव से तट दूर ले जाने वाले खुफिया संकेतों वाली सूचनाओं पर आधारित था। अमेरिका के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि इस हालिया गतिविधि की खबर सबसे पहले सीएनएन ने दी थी। उन्होंने बताया कि ऐसे कई संकेत थे कि ईरान क्षेत्र में अमेरिकी बलों पर हमला करने या हमला करने की तैयारी पर विचार कर रहा है। उन्होंने नाम न जाहिर करने की शर्त पर यह बताया।

अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मिसाइलों से लदी नाव नई सैन्य क्षमता को दर्शाता है जिसका इस्तेमाल अमेरिकी सुरक्षा बलों के खिलाफ किया जा सकता है या फिर इस तट से दूर ले किसी स्थान पर ले जाया जा रहा था।

व्हाइट हाउस ने रविवार को यूएसएस अब्राहम लिंकन करियर स्ट्राइक ग्रुप और एक बम वर्षक समूह की पश्चिम एशिया में तैनाती की घोषणा की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बॉल्टन ने ऐसा करने के पीछे 'चेतावनी होने का हवाला दिया था लेकिन उन्होंने इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।

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