मैदान के महारथी : राहुल गांधी पर है कांग्रेस को नई ऊर्जा और जीत दिलाने का दारोमदार

Updated on: 25 June, 2019 12:21 PM
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में हुए विधानसभा चुनावों में मिली जीत के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नया तेवर देखने को मिल रहा है। पहली बार ऐसा लग रहा है कि राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस अपना राजनीतिक एजेंडा सेट करने में कामयाब हो रही है। उनके तीखे हमले ने ‘चौकीदार’ विशेषण को सरकार और विपक्ष के बीच चल रहे प्रचारयुद्ध के केंद्र में ला दिया है। राफेल पर चौकीदार, जीएसटी पर गब्बर टैक्स जैसे उनके विशेषण खूब चर्चा में हैं। लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने राहुल विपक्ष के सर्वाधिक ताकतवर नेता के रूप में अपनी छवि बनाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। अमूमन अपनी धुन में सियासत की दिशा तय करने के पक्षधर रहे राहुल कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद संगठन और सियासत का मर्म ज्यादा बेहतर तरीके से समझने लगे हैं। उन्होंने नई व पुरानी पीढ़ी के नेताओं में तालमेल बनाकर पार्टी को नया तेवर देने का प्रयास शुरू किया है। साथी दलों में सामंजस्य स्थापित करना और उनके बीच अपना नेतृत्व मनवाना उनके लिए बड़ी चुनौती है। नई पीढ़ी को दिया मौका : राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में नई पीढ़ी के नेताओं की बड़ी फौज तैयार हुई है। वे संगठन में बड़े फैसले ले रहे हैं। विपक्ष के नेताओं से सीधा संवाद करने लगे हैं। जिम्मेदारी के साथ नए प्रयोग : 2007 में राहुल अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव बनाए गए। उन्होंने युवा कांग्रेस में चुनाव के जरिये पदाधिकारी चुने जाने की व्यवस्था शुरू की। 2013 में वे जयपुर चिंतन शिविर में उपाध्यक्ष बनाए गए। इसके बाद से ही संगठन के अहम फैसलों में उनकी सहमति ली जाने लगी। 2017 में राहुल पार्टी के अध्यक्ष चुने गए। व्यक्तिगत जीवन 19 जून 1970 को नई दिल्ली में जन्म, दिल्ली के सेंट कोलंबस और देहरादून स्थित दून स्कूल से की शुरुआती पढ़ाई 1984 में दादी इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख कट्टरपंथियों से जान को खतरे के मद्देनजर घर पर हुई बाकी बची पढ़ाई 1994 में फ्लोरिडा के रोलिंग कॉलेज से बीए और ट्रिनिटी कॉलेज से एमफिल की डिग्री ली, 2004 में सक्रिय राजनीति में कदम रखने की घोषणा की राजनीतिक जीवन 2004 में पहली बार अमेठी से लोकसभा सांसद निर्वाचित हुए 2007 में भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव नियुक्त हुए 2009 और 2014 में अमेठी सीट बरकरार रखने में सफल रहे 2013 में कांग्रेस उपाध्यक्ष बनाए गए 2017 में राहुल गांधी को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया सोशल प्रोफाइल 2015 अप्रैल में ट्विटर से जुड़े थे राहुल गांधी 94.26 लाख से अधिक हैंफॉलोअर 4275 से ज्यादा ट्वीट कर चुके हैं अभी तक
View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया