पूर्वांचल में भीषण गर्मी में वोटों की बारिश, पिछले चुनाव का रिकार्ड टूटा, सभी 13 सीटों का जानिये हाल

Updated on: 20 October, 2019 12:32 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय सीट वाराणसी अौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले गोरखपुर समेत पूर्वांचल की 13 सीटों पर रविवार को भीषण गर्मी में भी वोटों की झमाझम बारिश हुई। पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले दो प्रतिशत ज्यादा मतदान हुआ। महराजगंज में सबसे ज्यादा 62.40 अौर बलिया में सबसे कम 52.50 प्रतिशत वोट पड़े। वाराणसी, चंदौली अौर कुशीनगर पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले मामूली अंतर से पीछे रह गए। हालांकि तीनों सीटों के कई बूथों पर देऱ शाम तक मतदान होता रहा। ऐसे में माना जा रहा है कि यहां भी पिछला रिकार्ड टूट जाएगा। चंदौली अौर गाजीपुर में भाजपा-गठबंधन के कार्यकर्ताअों के बीच मामूली झड़पें भी हुईं। ईवीएम की खराबी के कारण कई स्थानों पर वोटरों को इंतजार करना पड़ा।

 पूर्वांचल के 11 जिलों में स्थित इन सीटों पर सुबह सात बजे से पहले ही मतदाताअों की कतारें लगनी शुरू हो गई थी। हर कोई धूप से बचने के लिए अलसुबह ही अपने कर्तव्य का निर्वाह कर लेना चाहता था। पहले दो घंटे की वोटिंग में इसका असर भी देखने को मिला। शुरुआती चार घंटे तक पोलिंग बूथों पर कतार लगी रही। 11 से तीन बजे के बीच वोटिंग में कुछ सुस्ती आई लेकिन उसके बाद एक बार फिर वोटरों का हुजूम निकला। मिर्जापुर के साथ गाजीपुर ने मतदान खत्म होने से एक घंटे पहले ही शाम पांच बजे पिछला रिकार्ड तोड़ दिया।

पूर्वांचल में मतदान

सीट              2019     2014
वाराणसी       58.05    58.25
गोरखपुर        57.38   54.65
घोसी            56.90     55.04
सलेमपुर       54.60   51.51
बलिया         52.50    48.27
गाजीपुर        58.10   54.94
चंदौली         57.26    58.70
मिर्ज़ापुर      60.20   58.58
राबर्ट्सगंज   54.29  54.16
महराजगंज   62.40  60.84
कुशीनगर     56.24   56.51
देवरिया       56.02   53.05
बांसगांव      55.00  49.86
कुल           56.84    54.96

प्रधानमंत्री मोदी, सीएम योगी की प्रतिष्ठा दांव पर
अंतिम चरण में रविवार को वाराणसी अौर गोरखपुर में भी वोट डाले गए। वाराणसी से खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्याशी हैं। गोरखपुर सीएम योगी का गढ़ माना जाता है। यहां से लगातार सीएम योगी आदित्यनाथ सांसद रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद हुए उपचुनाव में सपा ने इस सीट को भाजपा से छीन लिया था। ऐसे में दोबारा उसे हासिल करना योगी के लिए चुनौती से कम नहीं है। सीट को जीतने के लिए भाजपा ने भोजपुरी स्टार रविकिशन को मैदान में उतारा है। इसके अलावा गाजीपुर से केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, मिर्जापुर से केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल अौर चंदौली से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई।

अलसुबह से ही बूथों पर दिखा उत्साह
अंतिम चरण के मतदान को लेकर अलसुबह से ही खासा उत्साह देखा गया। सात बजे से पहले ही कई केद्रों पर मतदाताअों की कतार लग गई। कुछ केंद्रों पर ईवीएम की खराबी से वोटर परेशान भी हुए। एक दो केद्रों पर बिना वोट दिये भी वोटर लौट गए। राबर्ट्सगंज, वाराणसी अौर मिर्जापुर में कई बूथों पर मतदाताअों ने वोटिंग का बहिष्कार किया। किसी तरह इन्हें समझाकर वोटिंग कराई गई।

मोबाइल ले जाने पर लगी पाबंदी अंतिम समय पर हटाई
मोबाइल फोन लेकर मतदान करने पहुंचे लोगों को रोका गया तो काफी लोग घरों को लौट गए। इसकी सूचना प्रशासनिक हलके में पहुंचते ही हड़कंप मच गया। तत्काल मोबाइल फोन पर लगी पाबंदी हटा ली गई। वायरलेस पर सूचना प्रसारित करके अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मोबाइल फोन लेकर पहुंचे वोटरों को मतदान केंद्र में जाने से न रोका जाए। उनके मोबाइल फोन केवल स्विच आफ करा दिये जाएं।

चंदौली-गाजीपुर में भाजपा-गठबंधन के कार्यकर्ता भिड़े
चंदौली अौर गाजीपुर में भाजपा अौर गठबंधन के कार्यकर्ताअों के बीच झड़प के बाद अफरातफरी मच गई। पुलिस ने बल प्रयोगकर भीड़ को खदेड़ा अौर किसी तरह मामले को शांत किया। चंदौली में मुगलसराय के परशुरामपुर मतदान केंद्र के बाहर पर्ची फाड़ने को लेकर विवाद शुरू हुआ। गाजीपुर में जमानिया के देवता गांव में भाजपा अौर गठबंधन के कार्यकर्ताअों के आमने-सामने आने पर मतदान केंद्र पर पथराव किया गया। गाजीपुर के ही नगसर में ग्रामीणों ने ईवीएम को सील करने से रोक दिया अौर धरना शुरू कर दिया। लोग देरी से मतदान शुरू होने के कारण देरी से मतदान की मांग कर रहे थे। घोसी में वोटिंग के दौरान पुलिस के साथ ग्रामीणों की झड़प हुई। बनकरा में काफी मतदाताअों का नाम सूची में नहीं होने पर गुस्सा फूट पड़ा।

सूची में नाम न होने पर गाजीपुर में बीएलअो को पीटा
गाजीपुर में सदर विधानसभा के कठवांमोड के चटाईपारा में वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने पर ग्रामीणों ने बीएलओ नंदलाल कुमार को पीटा। ग्रामीणों के डर से भाग गया था बीएलओ, बाद में आने पर ग्रामीणों ने पकड़कर पीटा। पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों ने बीएलओ को बचाया।

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