परंपरा: श्मशान से नाचते हुए पहुंचे भूत-पिशाच, शिव आराधना में लीन 'सुसारी'

Updated on: 22 September, 2019 06:08 AM

राहे प्रखंड में नौ दिवसीय प्रसिद्ध सुसारी पर्व अपने आखिरी पड़ाव पर है। इस पर्व में भोक्ता के सरदार सुसारी नौ दिनों तक शिव की आराधना करते हैं। राहे में सोलहआना समिति की ओर से इस पर्व का आयोजन किया जाता है। रविवार को आठवें दिन सुसारी को कोकरो नदी के किनारे श्मशान घाट से मां दुर्गा के रूप में सजाकर शिव मंदिर तक लाया गया। इस दौरान सैकड़ों युवक भूत-पिशाच के वेश में नाचते हुए पहुंचे। नौवें दिन रात में सुसारी को मां काली के वेश में लाया जाता है और रातभर छऊ नृत्य होता है। 

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