बंगाल के बाद दिल्ली-महाराष्ट्र समेत कई जगहों पर हड़ताल पर गए डॉक्टर, हमले का जता रहे विरोध

Updated on: 20 November, 2019 03:22 AM

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल (Strike) शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी है। पूरे देशभर के कई अस्पतालों के डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर समर्थन जताया है। दिल्ली में सफदरजंग अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने इस मामले में विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डॉक्टर पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा पर हड़ताल करने की तैयारी कर रहे हैं।

बता दें कि हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने गुरुवार को दोपहर दो बजे तक काम पर लौटने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश को नहीं माना था और कहा कि सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा संबंधी मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों पर बरसते हुए विपक्षी भाजपा और माकपा पर उन्हें भड़काने तथा मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया था।

पढ़ें बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल के बाद पूरे देशभर में पड़ रहे असर के LIVE UPDATES:

11:15 AM- राजस्थान के जयपुर में स्थित जयपुरिया अस्पताल में डॉक्टर हाथ में काली पट्टी बांधकर इलाज कर रहे हैं। वे बंगाल में डॉक्टरों पर हुए हमले का विरोध जता रहे हैं।
10:45 AM - कोलकाता में एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डॉक्टर धरने पर बैठ गए हैं।

10:30 AM- इस मामले में महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स का भी साथ मिला है। वे आज हड़ताल कर रहे हैं। आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि हम आज सुबह आठ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक ओपीडी, वार्ड आदि को बंद कर रहे हैं। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी।
10:15 AM- इससे पहले डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से कई सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों अस्पतालों में तीसरे दिन भी आपातकालीन वार्ड, ओपीडी सेवाएं, पैथोलॉजिकल इकाइयां बंद रही थीं। निजी अस्पतालों में भी चिकित्सकीय सेवाएं बंद रहीं। डॉक्टर कोलकाता में एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद भीड़ द्वारा अपने दो सहकर्मियों पर हमले के मद्देनजर प्रदर्शन कर रहे हैं।

10:00 AM - भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने घटना के खिलाफ तथा हड़ताली डॉक्टरों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए शुक्रवार को अखिल भारतीय विरोध दिवस घोषित किया है। इस बीच एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रधानाचार्य साइबल मुखर्जी तथा चिकित्सा अधीक्षक एवं उप प्रधानाचार्य प्रो सौरभ चटोपाध्याय ने संस्थान के संकट से निपटने में विफल रहने की वजह से इस्तीफा दे दिया है।

विपक्ष का ममता पर हमला

विपक्ष ने गतिरोध के लिए बनर्जी पर हमला किया है और भाजपा ने उनपर हिटलर की तरह काम करने का आरोप लगाया। जब मुख्यमंत्री दोपहर में सरकारी एसएसकेएम अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने 'हमें इंसाफ चाहिए के नारे लगाए। उन्होंने कहा, 'मैं आंदोलन की निंदा करती हूं। कनिष्ठ चिकित्सकों का आंदोलन माकपा और भाजपा का षड्यंत्र है।' बनर्जी के पास स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का भी प्रभार है।
उन्होंने चिकित्सकों को चार घंटे के भीतर काम पर लौटने को कहा था लेकिन बाद में समय-सीमा में संशोधन करके इसे अपराह्न दो बजे कर दिया। उन्होंने ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कि उन्हें छात्रावास खाली करने होंगे। बनर्जी की समय सीमा के बावजूद डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल जारी रखी। डॉक्टरों की एक टीम ने इस मुद्दे पर राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात की। राज्यपाल ने भी उनसे हड़ताल खत्म करने की अपील की। त्रिपाठी से भेंट के बाद राजभवन के बाहर एक जूनियर डॉक्टर ने कहा कि मांग पूरी होने तक हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे। हमारी मांगे साधारण हैं... उचित सुरक्षा मिले और सभी अस्पताल में सशस्त्र पुलिस बल तैनात हों तथा एनआरएस अस्पताल में शनिवार को हुए हमले में शामिल अपराधियों को गैर जमानती धाराओं में गिरफ्तार किया जाए।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया