पानी मेरा हकः वरुणापार में लीकेज दूर हो तब घरों तक पहुंचे पीने का पानी

Updated on: 17 October, 2019 02:21 PM

किसी शहर में पेयजल आपूर्ति की ऐसी व्यवस्था नहीं दिखेगी कि पाइप लाइन बिछ जाए, पानी टंकियां बन जाएं। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से आपूर्ति शुरू हो जाय मगर पाइपों में लीकेज के चलते घरों तक पीने का पानी पहुंच ही न सके! यह बदतर स्थिति शहर के वरुणापार क्षेत्र के कई मोहल्लों में दिखेगी। इस नाते मई के पहले हफ्ते से ही तरोताजा गंगाजल मिलने की उम्मीद लगाए हजारों परिवारों की दिक्कतें बरकरार हैं। व्यवस्था के कोढ़ में खाज की स्थिति यह है कि कई मोहल्लों में अभी पाइप लाइन से घरों के कनेक्शन ही नहीं जुड़े हैं।

वरुणापार क्षेत्र में इस साल मई के पहले सप्ताह से ही सारनाथ स्थित डब्ल्यूटीपी से पेयजल आपूर्ति शुरू होनी थी। लेकिन आधा जून बीतने के बाद भी जल निगम यह बता पाने की स्थिति में नहीं है कि जलापूर्ति कब तक शुरू हो पाएगी। पहड़िया, पाण्डेयपुर, सारनाथ, रमरेपुर, नई बस्ती, दीनदयालपुर वार्डों में कई ऐसे इलाके हैं जहां सामान्य जलपूर्ति भी नहीं हो रही है।

साल 2010 में वरुणापार में करीब 400 करोड़ रुपये से डब्ल्यूटीपी की स्थापना और पेयजल पाइप लाइन की योजना तैयार हुई थी। फरवरी 2019 में डब्ल्यूटीपी शुरू होने पर क्षेत्र के लोगों को इस गर्मी में बेहतर पेयजल आपूर्ति की उम्मीद थी। वहीं, जल निगम के अधीक्षण अभियंता आरपी पाण्डेय का कहना है कि पहड़िया समेत अन्य क्षेत्रों में नगर निगम की पुरानी सीमा के अनुसार पाइप लाइन बिछी है। प्रभावित क्षेत्रों के लिए नई योजना शासन को भेजी गई है। लीकेज की मरम्मत कराई जा रही है।



किसी शहर में पेयजल आपूर्ति की ऐसी व्यवस्था नहीं दिखेगी कि पाइप लाइन बिछ जाए, पानी टंकियां बन जाएं। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से आपूर्ति शुरू हो जाय मगर पाइपों में लीकेज के चलते घरों तक पीने का पानी पहुंच ही न सके! यह बदतर स्थिति शहर के वरुणापार क्षेत्र के कई मोहल्लों में दिखेगी। इस नाते मई के पहले हफ्ते से ही तरोताजा गंगाजल मिलने की उम्मीद लगाए हजारों परिवारों की दिक्कतें बरकरार हैं। व्यवस्था के कोढ़ में खाज की स्थिति यह है कि कई मोहल्लों में अभी पाइप लाइन से घरों के कनेक्शन ही नहीं जुड़े हैं।

वरुणापार क्षेत्र में इस साल मई के पहले सप्ताह से ही सारनाथ स्थित डब्ल्यूटीपी से पेयजल आपूर्ति शुरू होनी थी। लेकिन आधा जून बीतने के बाद भी जल निगम यह बता पाने की स्थिति में नहीं है कि जलापूर्ति कब तक शुरू हो पाएगी। पहड़िया, पाण्डेयपुर, सारनाथ, रमरेपुर, नई बस्ती, दीनदयालपुर वार्डों में कई ऐसे इलाके हैं जहां सामान्य जलपूर्ति भी नहीं हो रही है।

साल 2010 में वरुणापार में करीब 400 करोड़ रुपये से डब्ल्यूटीपी की स्थापना और पेयजल पाइप लाइन की योजना तैयार हुई थी। फरवरी 2019 में डब्ल्यूटीपी शुरू होने पर क्षेत्र के लोगों को इस गर्मी में बेहतर पेयजल आपूर्ति की उम्मीद थी। वहीं, जल निगम के अधीक्षण अभियंता आरपी पाण्डेय का कहना है कि पहड़िया समेत अन्य क्षेत्रों में नगर निगम की पुरानी सीमा के अनुसार पाइप लाइन बिछी है। प्रभावित क्षेत्रों के लिए नई योजना शासन को भेजी गई है। लीकेज की मरम्मत कराई जा रही है।
 

सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र
लालपुर, पार्वती नगर, टकटकपुर, खजुरी, हुकुलगंज, बघवानाला, सारंग तालाब, अशोक नगर कालोनी, पहड़िया, दौलतपुर, प्रेमचन्द नगर कालोनी, राहुल नगर, आवास विकास, कमला नगर, भक्ति नगर, संजय नगर,  रमरेपुर, चित्रगुप्त नगर, अकथा चौराहा, नई बस्ती, पहड़िया गांव, सारंग गांव, सारनाथ, पाण्डेयपुर आदि।

आधे इलाके में ही बिछी पाइप लाइन
जल निगम ने कई क्षेत्रों की आधी एरिया में ही पाइप बिछाकर छोड़ दिया है। करीब दस हजार की आबादी वाले पहड़िया गांव में जल निगम ने 40 फीसदी घरों के आगे पाइप लाइन बिछाई है। इन घरों में पानी के स्मार्ट मीटर भी लग गए हैं। इन घरों भी लोग पड़ोसी के बोरिंग के पानी पर ही निर्भर हैं। इसी तरह लक्ष्मी नगर कॉलोनी में डूडा ने सात साल पहले पाइप लाइन बिछानी शुरू की थी। करीब 40 मीटर की दूरी छोड़ दी गई है।
 
तीन महीने से बना है लीकेज
अकथा चौराहा से करीब 100 मीटर दूर मुख्य सड़क पर तीन महीने से पेयजल पाइप लाइन में लीकेज की समस्या है। सुबह-शाम पानी भर जाने से सड़क खराब हो गई है जिससे यहां से गुजरने वाले वाहन अक्सर धंस जाते हैं।

पाण्डेयपुर चौराहा
करीब तीन हफ्ते पहले पेयजल पाइपलाइन में लीकेज हुआ था। एक हफ्ते से मरम्मत का काम चल रहा है। इससे डब्ल्यूटीपी से पेयजल आपूर्ति बाधित है। जल निगम ने तीन दिन पहले ही काम पूरा होने का दावा किया था जबकि बुधवार तीसरे पहर तक काम जारी रहा।



किसी शहर में पेयजल आपूर्ति की ऐसी व्यवस्था नहीं दिखेगी कि पाइप लाइन बिछ जाए, पानी टंकियां बन जाएं। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से आपूर्ति शुरू हो जाय मगर पाइपों में लीकेज के चलते घरों तक पीने का पानी पहुंच ही न सके! यह बदतर स्थिति शहर के वरुणापार क्षेत्र के कई मोहल्लों में दिखेगी। इस नाते मई के पहले हफ्ते से ही तरोताजा गंगाजल मिलने की उम्मीद लगाए हजारों परिवारों की दिक्कतें बरकरार हैं। व्यवस्था के कोढ़ में खाज की स्थिति यह है कि कई मोहल्लों में अभी पाइप लाइन से घरों के कनेक्शन ही नहीं जुड़े हैं।

वरुणापार क्षेत्र में इस साल मई के पहले सप्ताह से ही सारनाथ स्थित डब्ल्यूटीपी से पेयजल आपूर्ति शुरू होनी थी। लेकिन आधा जून बीतने के बाद भी जल निगम यह बता पाने की स्थिति में नहीं है कि जलापूर्ति कब तक शुरू हो पाएगी। पहड़िया, पाण्डेयपुर, सारनाथ, रमरेपुर, नई बस्ती, दीनदयालपुर वार्डों में कई ऐसे इलाके हैं जहां सामान्य जलपूर्ति भी नहीं हो रही है।

साल 2010 में वरुणापार में करीब 400 करोड़ रुपये से डब्ल्यूटीपी की स्थापना और पेयजल पाइप लाइन की योजना तैयार हुई थी। फरवरी 2019 में डब्ल्यूटीपी शुरू होने पर क्षेत्र के लोगों को इस गर्मी में बेहतर पेयजल आपूर्ति की उम्मीद थी। वहीं, जल निगम के अधीक्षण अभियंता आरपी पाण्डेय का कहना है कि पहड़िया समेत अन्य क्षेत्रों में नगर निगम की पुरानी सीमा के अनुसार पाइप लाइन बिछी है। प्रभावित क्षेत्रों के लिए नई योजना शासन को भेजी गई है। लीकेज की मरम्मत कराई जा रही है।
 

सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र
लालपुर, पार्वती नगर, टकटकपुर, खजुरी, हुकुलगंज, बघवानाला, सारंग तालाब, अशोक नगर कालोनी, पहड़िया, दौलतपुर, प्रेमचन्द नगर कालोनी, राहुल नगर, आवास विकास, कमला नगर, भक्ति नगर, संजय नगर,  रमरेपुर, चित्रगुप्त नगर, अकथा चौराहा, नई बस्ती, पहड़िया गांव, सारंग गांव, सारनाथ, पाण्डेयपुर आदि।

आधे इलाके में ही बिछी पाइप लाइन
जल निगम ने कई क्षेत्रों की आधी एरिया में ही पाइप बिछाकर छोड़ दिया है। करीब दस हजार की आबादी वाले पहड़िया गांव में जल निगम ने 40 फीसदी घरों के आगे पाइप लाइन बिछाई है। इन घरों में पानी के स्मार्ट मीटर भी लग गए हैं। इन घरों भी लोग पड़ोसी के बोरिंग के पानी पर ही निर्भर हैं। इसी तरह लक्ष्मी नगर कॉलोनी में डूडा ने सात साल पहले पाइप लाइन बिछानी शुरू की थी। करीब 40 मीटर की दूरी छोड़ दी गई है।
 
तीन महीने से बना है लीकेज
अकथा चौराहा से करीब 100 मीटर दूर मुख्य सड़क पर तीन महीने से पेयजल पाइप लाइन में लीकेज की समस्या है। सुबह-शाम पानी भर जाने से सड़क खराब हो गई है जिससे यहां से गुजरने वाले वाहन अक्सर धंस जाते हैं।

पाण्डेयपुर चौराहा
करीब तीन हफ्ते पहले पेयजल पाइपलाइन में लीकेज हुआ था। एक हफ्ते से मरम्मत का काम चल रहा है। इससे डब्ल्यूटीपी से पेयजल आपूर्ति बाधित है। जल निगम ने तीन दिन पहले ही काम पूरा होने का दावा किया था जबकि बुधवार तीसरे पहर तक काम जारी रहा।

परशुरामपुर
सारनाथ वार्ड संख्या 33 के परशुरामपुर में दो हफ्ते से पाइप लाइन में लीकेज के कारण पानी बर्बाद हो रहा है। स्थानीय लोगों व पार्षद ने जल निगम व नगर निगम में शिकायत की है। पार्षद प्रतिनिधि सुरेंद्र राजभर ने कहा कि सारनाथ वार्ड में अभी 30 प्रतिशत घरों में ही पेयजल की सप्लाई है।

पंचक्रोशी चौराहा
वार्ड संख्या 12 दानियालपुर के पैगम्बरपुर व पुरानापुल क्षेत्र के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति नहीं होती है। दो हफ्तों से ज्यादा समय से पंचक्रोशी चौराहे के पास पेयजल पाइप लाइन फटी है। पार्षद दूधनाथ राजभर ने कहा कि कम प्रेशर की वजह से पेयजल की सप्लाई अन्य क्षेत्रों में नहीं हो पा रही है। इसकी शिकायत नगर आयुक्त से कई बार हो चुकी है लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

जनता बोली-
पीने का पानी दूर से लाना पड़ता है। जलकल से सुबह केवल सात बजे से नौ बजे तक पानी की सप्लाई होती है जो गर्मी के लिए नाकाफी है।
मानसिंह राजभर, दनियालपुर

आधे क्षेत्र में ही पाइपलाइन डाली गई है। जबकि घनी आबादी के क्षेत्र को छोड़ दिया गया है। तीन हैंडपंप में एक खराब है। अब पांच हजार लोगों का दो हैंडपंप से कैसे काम चलेगा।
रजनी देवी, पहड़िया गांव

तीन महीने से पानी बर्बाद हो रहा है। कई बार जलकल से शिकायत की गई। सुबह शाम सप्लाई के समय सड़क लबालब भर जाती है। जेई ने लिखित शिकायत करने को कहा। वह भी की गई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

 लक्ष्मण प्रसाद केसरी, अकथा

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया