शहर में 500 से ज्यादा अवैध कोचिंग सेंटर

Updated on: 06 December, 2019 06:25 AM

वर्षों से चल रहे कोचिंग-संस्थानों ने नियम-कानूनों को दरकिनार कर दिया है। एक बार पंजीकरण करवाने के बाद नवीनीकरण नहीं कराया। विभाग ने भी इस पार ध्यान नहीं दिया। ऐसे पांच सौ कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी करने की तैयारी है।

कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय में होता है। कुछ समय पहले तक यहां 1089 कोचिंग संस्थानों ने पंजीकरण कराया था। नियमत: हर तीसरे साल इन्हें पंजीकरण का नवीनीकरण कराना चाहिए। वर्तमान में 481 कोचिंग ही पंजीकृत हैं। इससे स्पष्ट है कि करीब छ सौ कोचिंग बगैर पंजीकरण के चल रही हैं। इसमें से कुछ बंद भी हो गई होंगी।

जानकारों का कहना है शहर में कोचिंग सेंटरों की संख्या इससे कहीं अधिक होगी। प्रतिष्ठित और नामचीन कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण है। मगर गली-मोहल्लों में चलने वाली कोचिंग ने नियमों का पालन नहीं किया है। अब शासन ने ऐसे कोचिंग सेंटरों की तरफ ध्यान दिया है। उनके कागजात खंगाले जा रहे हैं। समस्या यह है कि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के पास संसाधान नहीं है कि इनका भौतिक सत्यापन हो सके। कोचिंग संस्थान भी इस हकीकत से वाकिफ है। इसलिए उदासीन बने रहते हैं। इस बाबत पूछे जाने पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. ज्ञान प्रकाश वर्मा का कहना है कि पुनर्पंजीकरण न कराने वाले कोचिंग सेंटरों को नोटिस भेजी जा रही है। जिला प्रशासन से भी अनुरोध किया गया है कि शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों की मदद ली जाए, जिससे कोचिंग सेंटरों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया