वाराणसी पेयजल योजना के जिम्मेदार अफसर 30 जून के बाद जाएंगे जेल

Updated on: 06 December, 2019 06:55 AM

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गंगा नदी में प्रदूषण को लेकर काफी सख्त हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गंगा निर्मल और अविरल बनाने के लिए बिजनौर से लेकर बलिया तक 25 जिलों में गंगा कमेटियां बनाई जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जांच कमेटी द्वारा खामी वाली कानपुर की टेनरियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

उन्होंने नाराजगी जताई कि 1000 करोड़ खर्च करने के बावजूद प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी के लोग पानी के लिए परेशान हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि वाराणसी पेजयल पाइप लाइन योजना से वर्ष-2010 से लेकर 30 जून, 2019 तक जुड़े रहे अफसरों की जवाबदेही तय की जाए और जिन लोगों की वजह से यह योजना अभी तक पूरी नहीं हो सकी है, उनको जुलाई के पहले सप्ताह में जेल भेजा जाए। 

मुख्यमंत्री ने निर्देश मंगलवार को लोकभवन में यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। इस दौरान उन्होंने जुलाई में प्रस्तावित राष्ट्रीय गंगा परिषद की पहली बैठक, जल निगम की समस्या, कानपुर टेनरीज और गंगा सफाई को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर विकास, वन एवं पर्यावरण, पंचायती राज और सिंचाई विभाग राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक के लिए कार्य योजना तैयार करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक के लिए गढ़मुक्तेश्वर, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में से किसी एक जगह का चयन किया जाए। एक दिवसीय इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विद्वान मौजूद रहेंगे। बैठक में जल निगम के अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल निगम अंतिम सांस ले रहा है। हम वेंटिलेटर पर रखकर उसे कष्ट दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में उसे ज्यादा दिन जिंदा नहीं रखा जा सकता है। सबसे ज्यादा शिकायतें जल निगम से ही मिल रही हैं। हमें व्यापक कार्य योजना बनाकर इसका विकल्प तलाशना चाहिए।

जिला गंगा कमेटियों का करें गठन
मुख्यमंत्री ने गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बिजनौर से लेकर बलिया तक के 25 जनपदों में डिस्ट्रिक्ट गंगा कमेटियों का गठन किया जाए। इन कमेटियों से सभी जनपदों के जनप्रतनिधियों के साथ-साथ सभी 1557 ग्राम प्रधानों को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि नदियों की सफाई जनजागरुकता से संभव है। इसके लिए लोगों को जागरुकता में लाकर उन्हें नदियों में मूर्ति विसर्जन एवं शवों के जल प्रवाह को रोका जाए।

कानपुर टेनरीज के संबंध में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव डॉ.अनूप चंद्र पाण्डेय को निर्देश दिया कि कमेटी की जांच में जिन टेनरीज में कमियां पाई गई हैं और इसके लिए जो लोग जिम्मेदार हैं उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए और जो टेनरीज चलने लायक हैं, उन्हें शुरू किया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री के साथ नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, राज्य मंत्री गिरीश यादव, मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पाण्डेय और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल आदि वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक की अन्य खास बातें-
- एक हजार करोड़ खर्च करने के बावजूद काशी के लोग पानी के लिए परेशान
- योगी गंगा के प्रदूषण को लेकर काफी सख्त
- गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए बिजनौर से लेकर बलिया तक 25 जिलों में  गंगा कमेटी बनाने के निर्देश
- अंतिम सांस ले रहा है जल निगम, वेंटिलेटर पर रखकर उसे जिंदा नहीं रख सकते 
- नगर विकास, वन एवं पर्यावरण, पंचायती राज और सिंचाई विभाग राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक के लिए तैयार करें कार्य योजना
- लोगों को जागरुक कर नदियों में मूर्ति विसर्जन एवं शवों के जल प्रवाह को रोका जाए
- कमेटी की जांच में खामी वाली कानपुर की टेनरियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए
- राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय विद्वान भाग लेंगे
- बैठक के लिए गढ़मुक्तेश्वर, कानपुर, प्रयागराज या वाराणसी में किसी एक जगह के चयन के निर्देश

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