यूपी की 12 विधानसभा सीटों पर जीत का जिम्मा BJP केन्द्रीय नेतृत्व ने इनको सौंपा

Updated on: 18 November, 2019 02:44 AM

लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा सरकार और संगठन ने 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए अपनी ताकत झोंक दी है। केन्द्रीय नेतृत्व ने भी इन उपचुनावों को जीतने का जिम्मा प्रदेश सरकार और संगठन को दिया है। इसीलिए सभी सीटों पर उपचुनाव जीतने के लिए 13 मंत्रियों के साथ पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है।

भाजपा नेतृत्व प्रत्याशियों के चयन में भी काफी सावधानी बरतेगा। प्रत्याशियों के चयन में परिवारवाद को पूरी तरह से दरकिनार करने की बात तय की गई है। भाजपा को उम्मीद है कि नवंबर महीने में केन्द्रीय चुनाव आयोग इन चुनावों को करा सकता है।

इन उपचुनावों को लेकर प्रदेश भाजपा की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केन्द्र सरकार में काबीना मंत्री बने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा.महेन्द्र नाथ पाण्डेय हफ्ते में एक बार लखनऊ आकर मुख्यमंत्री और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। भाजपा ने उन सीटों पर जीत हासिल करने की रणनीति बनाई है, जिन्हें वह पहले नहीं जीती थी। जिन मंत्रियों और पदाधिकारियों को उपचुनाव में लगाया गया है कि उनसे यह साफ कह दिया गया है कि वे अपनी पूरी ताकत और रणनीति बनाकर इन सीटों को जीतें। खास तौर पर सपा के पास रही रामपुर विधानसभा सीट और बसपा के पास रही जलालपुर सीटों पर विशेष ध्यान दिया जाए। भाजपा इन दोनों सीटों को जीतने के लिए अलग से रणनीति तैयार करेगी।

भाजपा के मंत्रियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जाकर स्थानीय संगठन के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव जीतने की रणनीति भी बनानी शुरू कर दी है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को कानपुर की गोविन्द नगर विधानसभा सीट की जिम्मेदारी दी गई है। इस सीट के विधायक सत्यदेव पचौरी कानपुर के सांसद चुने गए हैं। मौर्य ने शनिवार को कानपुर जाकर क्षेत्रीय संगठन के साथ बैठक भी की। इसी तरह उपमुख्यमंत्री डा.दिनेश शर्मा को रामपुर, मंत्री सुरेश राणा को इगलास, श्रीकांत शर्मा को टूंडला, भूपेन्द्र सिंह को गंगोह, डा.महेन्द्र सिंह को मानिकपुर, धुन्नी सिंह को हमीरपुर, आशुतोष टंडन को लखनऊ कैंट, दारा सिंह चौहान को जैदपुर, ब्रजेश पाठक को जलालपुर, रमापति शास्त्री को बलहा और उपेन्द्र तिवारी को प्रतापगढ़ विधानसभा सीट की जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी मंत्री एक बार अपनी-अपनी जिम्मेदारी वाले विधानसभा सीटों पर जाकर स्थानीय संगठन के साथ बैठक कर चुके हैं। इसके साथ ही जो विधायक सांसद बने हैं, उन्हें भी अपनी विधानसभा सीट पर घोषित होने वाले प्रत्याशियों को जिताने की जिम्मेदारी दी गई है।  

पिछड़ी जातियों को एससी का दर्जा देने का मिलेगा फायदा
पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा ने इन उपचुनावों में 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने को भी मुद्दा बनाने की रणनीति बनाई है। भाजपा को उम्मीद है कि प्रदेश सरकार के इस फैसले से उपचुनाव में फायदा मिलेगा। भाजपा इस फैसले को अपने चुनाव प्रचार में हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी।  

View More

24x7 HELP

Visitor
अब तक देखा गया