वैज्ञानिक को जिम में युवती को घूरना पड़ा महंगा, गिरफ्तार

Updated on: 22 September, 2019 06:05 AM

विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वरिष्ठ वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी को जिम में एक युवती को घूरना महंगा पड़ गया। पुलिस ने मुकदमा लिखकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। घटना ताजगंज क्षेत्र की है। युवती ने इस संबंध में 24 जून को पहले महिला हेल्प लाइन 1090 पर शिकायत की थी। बाद में वह एसएसपी जोगेंद्र कुमार से मिली। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने आरोपित वैज्ञानिक को गिरफ्तार किया।

युवती ने पुलिस को बताया कि वह पंचवटी के पीछे ऑक्सीजन जिम में जाती है। वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी भी जिम में आता है। दोनों का समय एक ही है। वैज्ञानिक उसे घूरा करता था। उसने इसके लिए उसे टोका। चेतावनी दी। उससे कहा कि घूरते क्यों हो। वैज्ञानिक ने उसे व्हाट्स एप पर मैसेज करना शुरू कर दिया। लिखने लगा कि वह उसे बहुत अच्छी लगती है। उसने इसका विरोध किया। आरोपित से कहा कि उसे मैसेज नहीं किया करे। आरोपित ने उसे धमकाने का प्रयास किया। उससे कहा कि वह वैज्ञानिक है। जिम वाले भी उसके मिलनेवाले हैं। पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। उसने उसे लालच भी दिया। उससे कहा कि वह उसकी हर जरूरत पूरा करेगा। वह सिर्फ उसकी बात मान ले। युवती उसकी हरकतों से परेशान हो चुकी थी। उसने पूरी बात अपने परिजनों को बताई। परिजनों ने शिकायत करने को कहा।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह पहले मुकदमा नहीं चाहती थी। बाद में उसे लगा कि आरोपित को सबक सिखाना जरूरी है। वह खामोश रहेगी तो आरोपित की हिम्मत बढ़ती जाएगी। ताजगंज पुलिस ने वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी को पूछताछ के लिए बुलाया था। मैसेज क्यों भेजे इस सवाल का उसके पास जवाब नहीं था। पुलिस के अनुसार वह खामोश हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस को सौंपे सारे मैसेज

पिछले एक माह से वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी युवती को परेशान कर रहा था। युवती ने उन मैसेज के प्रिंट आउट भी पुलिस को सौंपे हैं जो आरोपित ने उसे किए थे।

लखनऊ भेजी गई रिपोर्ट

मूलत: कानपुर नगर निवासी वैज्ञानिक संजीव की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। उनके खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। ताकि विभागीय कार्रवाई की जा सके। जमानत नहीं मिलने पर उनका निलंबन हो सकता था। नियम है सरकारी कर्मचारी किसी अपराध में 24 घंटे जेल में रहता है तो उसे निलंबित किया जाए।

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