संकट में घिरे कश्मीर के आतंकी संगठन, पुलवामा हमले की जांच एनआईए अभी कर रही है

Updated on: 22 November, 2019 04:59 PM

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों की सजग निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के कारण राज्य में सक्रिय आतंकवादी संगठन नेतृत्व और संसाधनों के संकट में घिर गये हैं। सिंह ने सोमवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में बताया कि राज्य में पुलवामा आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अभी कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही गृह मंत्री इसके बारे में सदन को सूचित कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि सेना राज्य में आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिये सुरक्षा बल, राज्य पुलिस बल और खुफिया तंत्र के बीच बेहतर तालमेल कायम कर रही है। सिंह ने कहा कि आतंकवादी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है जिसकी वजह से आतंकी संगठन इस समय नेतृत्व और संसाधनों के संकट का सामना कर रहे हैं। रक्षा मंत्री ने बताया कि आतंकी हमलों और सामरिक कार्रवाई में 2018 में सेना के 12 जवान शहीद हुये। जबकि 2017 में यह संख्या 13 और 2016 में छह थी।

एक अन्य सवाल के जवाब में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को राज्यसभा में सेना की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि पाकिस्तान ने इस साल एक हजार से अधिक बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया, जिसमें करीब चार लोग हताहत हुए। राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में सिंह ने बताया कि सेना ने इस साल संघर्षविराम उल्लंघन के 1,248 मामले रिपोर्ट की है।

इनमें जनवरी में संघर्षविराम उल्लंघन के 203 मामले और फरवरी में 215 मामले देखे गए। उन्होंने बताया कि सेना ने मार्च में संघर्षविराम उल्लंघन के 267 मामले और तीन लोगों के हताहत होने की बात रिपोर्ट की। अप्रैल और मई में  संघर्षविराम उल्लंघन के  234 और 221 मामले रिपोर्ट किये। जून में यह आंकड़ा 108 था और युद्ध के दौरान एक व्यक्ति हताहत हुआ था।

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