कर्नाटक संकट LIVE: SC का 2 निर्दलीय विधायकों की याचिका पर जल्द सुनवाई से इंकार

Updated on: 16 November, 2019 05:44 AM

कर्नाटक में जारी सत्ता संकट के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री कुमारस्वामी सोमवार को सदन में बहुमत साबित कर सकते हैं। वहीं, रविवार को कांग्रेस-जेडीएस नेताओं के बीच सत्ता बचाने के लिए बैठक का दौर जारी रहा। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने रविवा को कांग्रेस-जेडीएस विधायकों के साथ ताज होटल में बैठक की। बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने फिर से कहा कि सोमवार को गठबंधन सरकार का आखिरी दिन होगा। उधर, मुंबई में मौजूद बागी विधायकों ने कहा, हम यहां सिर्फ गठबंधन (कांग्रेस-जेडीएस) सरकार को सबक सिखाने के लिए आए हैं। इसके अलावा कोई दूसरा मकसद नहीं है। हम यहां पैसे या किसी दूसरी चीज के लालच में नहीं आए। एक बार सबकुछ ठीक हो जाए, बेंगलुरु लौट जाएंगे। राज्य के बसपा के इकलौते विधायक एन महेश फ्लोर टेस्ट में शामिल नहीं होंगे। रविवार को महेश ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो मायावती ने उन्हें इसके लिए निर्देश दिया है। विश्वास मत प्रस्ताव पर बहस के दौरान भी बसपा विधायक सदन में गैर हाजिर थे। इसके बाद कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि मायावती ने अपने विधायक को गठबंधन सरकार के साथ जाने के लिए कहा था।

कर्नाटक के स्पीकर के आर रमेश कुमार ने बागी विधायकों को मिलने के लिए कल (23 जुलाई) को सुबह 11 बजे बुलाया।

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के दो निर्दलीय विधायकों की जल्द फ्लोर टेस्ट करवाने की मांग को लेकर दायर की गई याचिका पर जल्द सुनवाई से इंकार कर दिया है।
बेंगलुरु: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा अन्य पार्टी के विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे।
बेंगलुरु: विधानसभा के लिए होटल से निकले बीजेपी विधायक, कर्नाटक सरकार आज करेगी फ्लोर टेस्ट का सामना

कनार्टक के दो विधायक SC पहुंचे, जल्द शक्ति-परीक्षण की मांग

कनार्टक विधानसभा में तत्काल विश्वास-मत की मांग करते हुए प्रदेश के दो निर्दलीय विधायक सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। याचिकाकर्ता आर. शंकर और एच. नागेश ने अदालत को बताया कि उन्होंने कांग्रेस-जनता दल (सेक्यूलर) गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। कनार्टक में एच. डी. कुमारस्वामी सरकार को गिराने के प्रयास में कांग्रेस और जेडी-एस के कई विधायकों के विधानसभा से इस्तीफा देने या भारतीय जनता पार्टी दामन थामने से राजनीतिक संकट बना हुआ है। मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने शुक्रवार को शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए 17 जुलाई को अदालत द्वारा दिए गए आदेश के संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की है। शीर्ष अदालत के 17 जुलाई के आदेश में प्रदेश के 15 बागी विधायकों को सदन से बाहर रहने का विकल्प अपनाने की अनुमति प्रदान की गई है। कुमारस्वामी ने अदालत को बताया कि विश्वास मत का आयोजन करने को लेकर राज्यपाल हस्तक्षेप कर रहे हैं। राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा गुरुवार को कुमारस्वामी को बहुमत साबित करने के लिए समय-सीमा दिए जाने के बावजूद शुक्रवार को कनार्टक विधानसभा को सोमवार के लिए स्थगित कर दिया गया।

बागी रुख पर अड़े

मुंबई में जमे बागी विधायकों ने सख्त रुख अपनाते  हुए कहा कि वे कांग्रेस-जेडीएस को सबक सिखाना चाहते हैं और अपने फैसले पर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि हम यहां पैसे या किसी दूसरी चीज के लालच में नहीं आए हैं। उनके रुख में भाजपा की कोई भूमिका नहीं है। एक बार सबकुछ ठीक हो जाए तो वे वापस बेंगलुरु लौट जाएंगे।

बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर अपने एकमात्र विधायक एन. महेश को विश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार के पक्ष में वोट देने को कहा है। पर माना जा रहा है कि विधायक महेश बहुमत परीक्षण में शामिल नहीं हों

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